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Shahjahanpur News: मेडिकल कॉलेज परिसर तक पहुंची बाढ़, भर्ती 98 मरीजों को किया शिफ्ट

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राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं - फोटो : mathura
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शाहजहांपुर। गर्रा और खन्नौत नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर हो जाने से निचले कई इलाकों में पानी भर गया है। राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह पानी पहुंचने से भूतल के वार्ड खाली कराकर 98 मरीजों को पहली व दूसरी मंजिल पर शिफ्ट करा दिया गया है।
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अनुमान है कि शनिवार को एक फुट पानी और बढ़ जाएगा। इस पर अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। वहीं, आसपास की काॅलोनियों में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। लोगों ने घरों के भूतल को खाली कर दिया है। शहर में गर्रा और खन्नौत नदियां शुक्रवार सुबह खतरे के निशान से दस सेमी ऊपर पहुंच गईं। बीते 24 घंटे के दौरान गर्रा का जलस्तर 85 सेमी बढ़कर 149.00 मीटरगेज और खन्नौत का जलस्तर 40 सेमी बढ़कर 145.85 मीटरगेज हो गया।

गर्रा नदी के उफनाने पर बाढ़ का पानी राजकीय मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट व प्रशासनिक भवन के सामने तक पहुंच गया। इस पर सुबह प्रथम तल को खाली करा दिया गया। मरीजों को दूसरी मंजिल पर वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
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डायलिसिस यूनिट के पास से ओपीडी के बाहर तक पहुंचने पर प्राचार्य ने करीब 100 मरीजों को प्रथम तल से दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया है। कई मरीजों की छुट्टी भी कर दी गई है। गत वर्ष बाढ़ से मेडिकल कॉलेज में हुए नुकसान से सबक लेते हुए अल्ट्रासाउंड, एक्स-रे समेत अन्य कीमती मशीनों को दूसरी मंजिल पर शिफ्ट कर दिया गया है। फिक्स मशीनों को सुरक्षित रखने के लिए गेट पर ईंट की दीवार बनवाई गई है। इधर, कलान के भैंसार बांध पर गंगा खतरे के निशान के करीब तो अल्हागंज क्षेत्र में डबरी घाट पर रामगंगा खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर पहुंच गई। इससे 50 से अधिक गांव बाढ़ की आपदा की चपेट में आ गए।



50 से अधिक गांवों में विकराल हो सकती है आपदा

उत्तराखंड और पश्चिमी उप्र के बांधों-बैराजों से काफी मात्रा में पानी की निकासी जारी रहने से जिले से होकर बहने वाली गंगा, रामगंगा समेत सहायक नदियाें में शुक्रवार को उफान आ गया। जलालाबाद से मिर्जापुर और अल्हागंज तक करीब 50 से अधिक गांवों में बाढ़ की आपदा विकराल हो गई। इस पर प्रशासनिक अफसर नजर बनाए हुए हैं।



पानी बढ़ा तो पहले भावलखेड़ा सीएचसी में शुरू होंगी आकस्मिक सेवाएं

राजकीय मेडिकल कॉलेज में बाढ़ का खतरा मंडराने पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। कॉलेज के भूतल में पानी पहुंचने पर मरीजों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। सीएचसी भावलखेड़ा में आकस्मिक सेवाओं को शुरू कराया जाएगा। इसके लिए दस एम्बुलेंस खड़ी करा दी गई हैं।

मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों को नजदीकी चिकित्सालयों वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज, सत्यानंद अस्पताल में शिफ्ट करा दिया जाएगा। शुक्रवार शाम सीएमओ डॉ. विवेक मिश्रा की अध्यक्षता में आपातकालीन बैठक की गई। इसमें प्राचार्य समेत अन्य डॉक्टर शामिल हुए।

प्राचार्य ने बताया कि डायलिसिस यूनिट की ओर से नाले के माध्यम से पानी बढ़ रहा है। मेडिकल कॉलेज में विभिन्न विभागों में कुल 98 मरीज भर्ती हैं। भूतल स्थित समस्त वार्डों में भर्ती मरीजों को प्रथम एवं द्वितीय तल पर शिफ्ट कर दिया गया है। सीएमओ के अनुसार, जरूरत पड़ने पर सीएचसी पुवायां, तिलहर, भावलखेड़ा को इमरजेंसी इकाई के रूप में संचालित किया जाएगा।



100 से अधिक मरीजों को दे दी गई छुट्टी

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी को देखते हुए 100 से अधिक मरीजों की छुट्टी कर दी गई है। इनमें बुखार व अन्य सामान्य बीमारी के मरीज थे। मेडिकल कॉलेज गेट पर स्ट्रेचर पर लेटे कांट के राजेश ने बताया कि खुद छुट्टी करा ली है। सुनील के तीमारदार बोले- मरीज की छुट्टी करा ली है।



गर्रा और खन्नौत नदी 15 से 20 सेमी तक खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अनुमान है कि शनिवार को एक फुट पानी और बढ़ जाएगा। निचले इलाके के लोगों को जागरूक कर रहे हैं। 24 घंटे बाद स्थिति में सुधार आने की संभावना है।

- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम

राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं- फोटो : mathura

राजकीय मेडिकज कॉलेज में बाढ़ के पानी से बचाव को एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर उठवाई गईं- फोटो : mathura

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