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Shahjahanpur News: गांव के मुहाने पर बाढ़... शहर में भी जलभराव

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पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद - फोटो : samvad
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शाहजहांपुर। 24 घंटे में 183 मिलीमीटर बारिश से शहर के साथ ही कस्बों में लोग जलभराव से जूझते रहे। गत वर्ष जुलाई के पहले हफ्ते में 287 एमएम बारिश के बाद शहर को बाढ़ का सामना करना पड़ा था। इस बार अगस्त के पांच दिनों में 272 एमएम बारिश हो चुकी है। वहीं, नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अधिकारी बाढ़ क्षेत्र में भ्रमण करके लोगों को सतर्क कर रहे हैं।
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बारिश से नगर निगम कार्यालय परिसर में पानी भर गया। इस कारण सुबह कार्यालय आने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। शहीद उद्यान के आसपास, कवि तिराहा, बाबा विश्वनाथ मंदिर के पास, लाल इमली चौराहा, रोडवेज, कचहरी ओवरब्रिज के पास, अंटा चौराहा, गोविंदगंज, बहादुरगंज, घंटाघर रोड आदि क्षेत्रों में जलभराव हो गया। रेती रोड पर पानी बह रहा था।
गन्ना शोध संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 183 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री और न्यूनतम 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा था। अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हुई। डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि वायुदाब आठ मिलीबार बढ़ा हुआ है और पछुआ हवा चल रही है। रात से लेकर सुबह तक बारिश होने के आसार बन रहे हैं।
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अगस्त के पांच दिन में 272 मिमी बारिश रिकॉर्ड
गन्ना शोध संस्थान के मुताबिक, अगस्त में औसतन 185 मिलीमीटर बारिश होती है। अगस्त के पहले सप्ताह में पांच दिन में 272 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इसी तरह से पिछली जुलाई के पहले सप्ताह में 287 मिलीमीटर बारिश हुई थी। जुलाई माह में औसतन बारिश 327 मिलीमीटर होती है, जबकि पिछले वर्ष 449 मिलीमीटर हुई थी। इससे खन्नौत और गर्रा नदी का जलस्तर बढ़ गया था। इस बार अगस्त में पहले पांच दिन में हुई बारिश से गर्रा, खन्नौत, गंगा और रामगंगा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है।

नदियों के जलस्तर की स्थिति
गर्रा नदी अजीजगंज पुल पर वर्तमान में जलस्तर 143.950 मीटर है। इसका खतरे का निशान 148.800 मीटर है। अभी खतरे के निशान से नदी करीब पांच मीटर नीचे बह रही है। गर्रा नदी में ड्यूनी डैम से 5499 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी का मंगलवार को 25 सेमी जलस्तर बढ़ गया है। खन्नौत नदी का वर्तमान में 144.400 मीटर जलस्तर है। लोधीपुर पुल पर खतरे का निशान 145.750 मीटर पर है। खन्नौत नदी का जलस्तर 60 सेमी बढ़ गया है।

जनपद में बाढ़ की तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने किया भ्रमण
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार के साथ एसडीएम सदर संजय पांडेय, तहसीलदार सत्येंद्र कटियार ने राजस्व टीम के साथ इंदिरानगर कॉलोनी अक्षरधाम कॉलोनी, लोधीपुर पटी गली एवं दनियापुर आदि क्षेत्रों का जायजा लिया। इंदिरानगर कॉलोनी, अक्षरधाम काॅलोनी में उपस्थित लोगों को बताया गया कि बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों के लिए गुरुनानक पाठशाला हाईस्कूल में राहत शिविर बनाया गया है। लोधीपुर क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए एनटीआई में राहत शिविर बनाया गया है। इसमें रहने एवं खाने आदि की व्यवस्था की गई है। इसी के साथ दनियापुर, उटहा, चौढ़ेरा, गुवारी, सुजातपुर, शाहबाजपुर आदि गांवों के प्रभावित व्यक्तियों के ठहरने आदि के लिए अटल बिहारी इंटर कॉलेज, दनियापुर में राहत शिविर की स्थापना की गई है।

बाढ़ से निपटने के किए गए इंतजाम, कंट्रोल रूम स्थापित
एडीएम एफआर अरविंद कुमार ने बताया कि जनपद में 71 बाढ़ चौकियां चिह्नित की गईं हैं। 60 राहत शरणालय चिह्नित कर लिए गए हैं। तहसील कलान में 16 नावों और जलालाबाद में 12 नावों की व्यवस्था की गई है। तहसील सदर में पांच मोटर बोट व 10 नावें मंगलवार शाम तक आ जाएंगी।
मेडिकल टीमों का गठन करके चिकित्सकों और स्टाफ की ड्यूटी लगा दी गई है। सिंचाई विभाग ने बाढ़ से बचाव के लिए आठ बाढ़ सुरक्षा समितियां बनाई हैं, जो बांधों आदि की निगरानी रखेंगी। पशुओं के विस्थापन के लिए 11 पशु शिविर चिह्नित कर लिए गए हैं। बाढ़ के दौरान पशुओं को भूसा व चारा की व्यवस्था कर ली गई है। बाढ़ राहत किट और कुक्ड फूड, राहत शरणालय में लॉजिस्टिक व्यवस्था पूर्ण कर ली गई हैं। बाढ़ से बचाव के लिए जिले में पीएसी की एक टीम उपकरणों के साथ आ गई है। बाढ़ की सूचनाओं के लिए कलक्ट्रेट में कार्यालय में कंट्रोल रूम संचालित कर दिया गया है। इसका नंबर 05842-220018, 462754, 351037, 351038 है।


गंगा में उफान से जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे जलमग्न

कलान। तीन दिन से लगातार हो रही बारिश के कारण ढाई घाट से लेकर भैंसार बांध तक गंगा में उफान बढ़ गया है। जलस्तर लगातार बढ़ने से गंगा के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। उधर, परौर क्षेत्र में रामगंगा तटीय गांवों की ओर बढ़ रही है।
नरौरा बैराज से गंगा में अभी पानी की निकासी सीमित है, लेकिन पहाड़ से लेकर मैदानी क्षेत्रों में हो रही बारिश का पानी गंगा में सिमटकर बदायूं के कछला घाट से यहां पहुंच रहा है। इस कारण मिर्जापुर क्षेत्र के ढाई घाट गंगा तट पर जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा तट पर लगी दुकानों और संत महात्माओं के आश्रमों में पानी घुस गया है। इसी वजह से जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास करीब दो फुट पानी बह रहा है।

हाईवे का करीब एक किमी लंबा हिस्सा बाढ़ में डूब चुका है। बावजूद इसके लोग बाइकों, चार पहिया वाहनों से पानी में होकर आसपास के गांवों तक आ-जा रहे हैं। गंगा के किनारे बसे आजादनगर, इस्लाम नगर,मस्जिद नगला, पैलानी उत्तरी, बांसखेड़ा, कटेला नगला, लोहार नगला, मोती नगला आदि गांव हर साल की तरह इस वर्ष भी बाढ़ के मुहाने पर आ गए हैं। उधर, रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से परौर क्षेत्र में मोहनपुर, बिचपुरी, नारायण नगर और जैतीपुर क्षेत्र में केसी नगला गांव के लोग बाढ़ की आशंका से परेशान हैं। बावजूद इसके बाढ़ चौकियां सूनी हैं और वहां राहत व बचाव के कोई इंतजाम नहीं दिख रहे हैं। संवाद

पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद- फोटो : samvad

पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद- फोटो : samvad

पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद- फोटो : samvad

पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद- फोटो : samvad

पुवायां के मोहल्ला कांशीराम नगर में जलजमाव। संवाद- फोटो : samvad

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