शाहजहांपुर। स्वास्थ्य विभाग में फर्जी दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने के मामले में पांच लोगों से रिकवरी की जाएगी। दिव्यांगजन कल्याण विभाग की ओर से पांचों लोगों के खातों का पता लगाया जा रहा है। खातों की जानकारी होने के बाद पता चल सकेगा कि इन लोगों ने किनती पेंशन ली है। उसी आधार पर रिकवरी की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग में 2022-2023 में 14 स्वस्थ लाेगों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बना दिए गए थे। जिनके आधार पर इन लोगों ने सरकारी योजनाओं का लाभ ले लिया था। इसी तरह नवंबर-दिसंबर 2025 में सीएमओ कार्यालय से सेवानिवृत्त 12 कर्मचारियों ने 30 लाख रुपये का उपचार दिखाकर चिकित्सा प्रतिपूर्ति धनराशि ले ली थी। इस मामले में सीडीओ डॉ.अपराजिता सिंह ने जांच करने के बाद डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह को रिपोर्ट प्रेषित की थी। इस मामले में डीएम के निर्देश पर जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (डीईआईसी) मैनेजर संतोष कुमार सिंह समेत 12 कर्मियों पर चौक कोतवाली में विभिन्न धाराओं में सोमवार देर शाम रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। जिला दिव्यांगजन अधिकारी संजय यादव ने बताया कि 14 लोगों पांच लोगों प्रकाश में आए हैं, जो कि फर्जी रूप से पेंशन ले रहे थे। पांचों लोगों से पेंशन की रिकवरी की जाएगी। अभी रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही इनके नामों की जानकारी हो सकेगी। बैंकों में इनके खातों का पता लगाया जा रहा है।
वादी के दर्ज किए गए बयान
-29 लाख रुपये की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद विवेचना ने तेजी पकड़ ली है। बृहस्पतिवार को टीम ने सीएमओ कार्यालय में पहुंचकर नक्शा तैयार किया। इस बीच वादी के बयान भी दर्ज किए गए हैं। इंस्पेक्टर अश्वनी सिंह ने बताया कि विभाग से संबंधित कागज भी मांगे गए हैं। इसकी केस हिस्ट्री तैयार की जाएगी। मामले में फरार लाेगों की तलाश की जा रही है।