घटना के बाद शवों को सील करती पुलिस
- फोटो : संवाद
मजदूरी करने वाले हरिओम बुधवार दोपहर रोजा की मठिया कॉलोनी में रहने वाले अपने पिता लालाराम के घर आए थे। उनके साढू सेठपाल भी परिवार समेत पहुंचे थे। शाम को हरिओम अपने साढू व उनके परिवार के साथ एक बाइक से लखीमपुर स्थित अपने गांव जा रहे थे। शार्टकट के फेर में शाम 6:18 बजे वह रोजा स्टेशन पर पॉवर केबिन के पास मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग से निकल रहे थे। चार नंबर लाइन पर पहुंचने के दौरान उनकी बाइक बंद हो गई।
तभी अमृतसर जंक्शन से सहरसा जाने वाली रनथ्रू गरीबरथ ट्रेन आ गई। ट्रेन की टक्कर लगने से बाइक इंजन में फंसकर करीब दो सौ मीटर तक घिसटता चली गई। हादसे में बाइक सवार पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। लोको पायलट ने ट्रेन को रोककर इंजन में फंसे बाइक के पार्ट निकाले और करीब 30 मिनट के बाद ट्रेन को आगे की ओर रवाना किया। हादसे की सूचना पर लालाराम भी पहुंचे और परिजनों के शव देखकर बिलख पड़े। एसपी राजेश द्विवेदी ने भी मौके पर पहुंचकर जानकारी ली।
रोजा जंक्शन क्षेत्र के आउटर पर बाइक सवार ट्रैक पार कर रहे थे। ट्रेन की चपेट में आने से दंपती, उनके दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत हो गई। मामले में जीआरपी अग्रिम कार्रवाई कर रही है।
- राजेश द्विवेदी, एसपी
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