शाहजहांपुर। न्याय पीठ, बाल कल्याण समिति ने दस महीने में दस किशोरों को अपनों से मिलवाने का कार्य किया है। पीठ ने पंजाब, चंडीगढ़, असम और बिहार तक किशोरों को उनके घर भेजा है।
18 वर्ष से कम उम्र के किशोर-किशोरियां नादानी में घर छोड़ देते हैं। वे ट्रेन या बस में सवार होकर घर से निकल आते हैं और फिर भटकते रहते हैं। ऐसे ही किशोर पुलिस को मिलते हैं तो उन्हें न्यायपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। यहां से उन्हें बालगृह भेज दिया जाता है। न्यायपीठ के अध्यक्ष अमितेश अमित ने बताया कि एक्ट के प्रावधान के तहत ऐसे बच्चों के परिवारों को तलाश किया जाता है। उनके पते के बारे में जानकारी होने पर संबंधित जिले या प्रदेश की बाल कल्याण समिति से संपर्क साधकर रिपोर्ट मांगते हैं। उनकी रिपोर्ट आने पर अध्ययन करने के बाद पुलिस के जरिये भेजा जाता है। समिति में अमितेश अमित के अलावा सदस्य के रूप में रामऔतार त्रिपाठी, मुनीश सिंह परिहार, अरविंद मिश्रा आदि शामिल हैं।