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Shahjahanpur News: अपात्रों को पीएम आवास देने पर पांच पंचायत सचिव निलंबित

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- अपात्रों को आवास दिए जाने की शिकायत पर जिलास्तरीय अधिकारियों से कराई गई थी जांच, होगी वसूली
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संवाद न्यूज एजेंसी
शाहजहांपुर। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अपात्रों को आवास स्वीकृत करने वाले पांच पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। जनप्रतिनिधियों और लोगों द्वारा शिकायत करने के बाद डीएम और सीडीओ ने जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर जांच कराई थी। अपात्रों को आवास दिए जाने की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई की गई है। अपात्रों से आवंटित धन की वसूली की जाएगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत शाहजहांपुर में वित्तीय वर्ष 2022-23 में 24,960 लाभार्थियों को ग्रामीण आवास की सुविधा उपलब्ध कराया जाना था। इसके सापेक्ष 23,583 लाभार्थियों को प्रथम किस्त के रूप में 40 हजार रुपये और 13,488 लाभार्थियों को द्वितीय किश्त के रूप में 70 हजार रुपये उपलब्ध कराए गए थे। 309 लाभार्थियों के आवास पूरे होने पर उन्हें दस हजार रुपये उपलब्ध कराया जा चुका है। लाभार्थियों का चयन ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से किया गया है। इसके संबंध में प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रहीं थीं कि रुपये लेकर अपात्रों को आवास दे दिए गए हैं, जबकि पात्रों को वंचित कर दिया गया है।
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डीएम उमेश प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी ने जिलास्तरीय अधिकारियों के माध्यम से पूर्व के चयनित लाभार्थियों का फिर से सत्यापन कराया। जांच में विभिन्न ग्राम पंचायतों में आवास चयन में अनियमित्ता की पुष्टि हुई। परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा विकास खंड भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत देवरास, हथौड़िया एवं तिउलक, कांट की ग्राम पंचायत कादरदादपुर उर्फ लिलथरा एवं हुसैनपुर माधौपुर, खुदागंज-कटरा की ग्राम पंचायत पलिया दरोबस्त तथा ददरौल की ग्राम पंचायत उदयपुर कटैया के ग्राम पंचायत सचिव के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

उदयपुर कटैया में 79 में से 26 लाभार्थी मिले अपात्र
ददरौल की ग्राम पंचायत उदयपुर कटैया की जांच आठ सदस्यीय समिति ने की। 79 लाभार्थियों की जांच में 26 लाभार्थी अपात्र मिले। ग्राम पंचायत सचिव शीतल, ग्राम विकास अधिकारी ग्राम पंचायत उदयपुर कटैया के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। अपात्र लाभार्थियों को उपलब्ध कराई गई धनराशि 9, 20,000 की वसूली संबंधित लाभार्थियों से किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

पलिया दरोबस्त में 56 में से 41 थे अपात्र
खुदागंज-कटरा की ग्राम पंचायत पलिया दरोबस्त की जांच परियोजना निदेशक अवधेश राम, परियोजना निदेशक ने की गई। 56 में 41 लाभार्थी अपात्र पाए गए। ग्राम पंचायत सचिव महेशकांत पांडेय को निलंबित किया गया है। 23 लाख रुपये की वसूली की जाएगी।

38 में से 24 मिले अपात्र
भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत देवरास की जांच अधिशासी अभियंता नलकूप खंड विपिन कुमार सिंह ने की। चयनित 38 लाभार्थियों में से 24 अपात्र मिले। ग्राम पंचायत सचिव पवन कुमार को निलंबित किया गया है। 14 लाख 40 हजार रुपये की वसूली अपात्र लाभार्थियों से की जाएगी।

हथौड़िया में 54 में से 28 लाभार्थी थे अपात्र भावलखेड़ा की ग्राम पंचायत हथौड़िया की जांच तहसीलदार सदर ने की। 54 में 28 लाभार्थी अपात्र पाए जाने की पुष्टि हुई। ग्राम पंचायत तिउलक में उपायुक्त, श्रम रोजगार की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने जांच की थी। इसमें 14 लाभार्थियों को अपात्र माना गया। ग्राम पंचायत सचिव शशीविंद पाल को सस्पेंड किया गया है। पांच लाख 60 हजार रुपये की वसूली होगी।

25 में से 11 लाभार्थी मिले अपात्र
कांट की ग्राम पंचायत कादरदादपुर उर्फ लिलथरा की जांच अवर अभियंता अरविंद त्रिपाठी ने की। 17 में से नौ लाभार्थियों को अपात्र पाया गया था। इसी प्रकार ग्राम पंचायत हुसैनपुर माधौपुर की जांच अधिशासी अभियंता नलकूप विपिन कुमार सिंह द्वारा की गई। इसमें आठ में से दो लाभार्थियों को अपात्र माना गया। ग्राम पंचायत सचिव संजीव सिन्हा को निलंबित करते हुए चार लाख 40 हजार रुपये की वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं।


छह पंचायत सचिवों को विभागीय कार्रवाई का आरोप पत्र
छह ऐसे पंचायत सचिव मिले जिनके द्वारा आवास स्वीकृत किए गए थे लेकिन धन आवंटित होने से पहले आवंटन निरस्त कर दिए गए। इन पंचायत सचिवों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए आरोप पत्र भेजा जा रहा है।
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जिलास्तरीय अधिकारियों की जांच में बड़ी संख्या में अपात्र लाभार्थी मिले हैं। पंचायत सचिवों को इसका जिम्मेदार मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। जल्द ही रिकवरी कराई जाएगी।
- श्याम बहादुर सिंह, सीडीओ
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