पुवायां। मत्स्य विभाग में समितियों के पंजीकरण के नाम पर रिश्वत मांगने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल ही विजिलेंस की टीम ने निरीक्षक संजीव कुमार को रिश्वत लेते हुए विकास भवन के पास से गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी रिश्वत मांगने का सिलसिला थमा नहीं है।
राजेश कुमार ने बताया कि समिति का पंजीकरण होने पर दो हेक्टेयर से अधिक के तालाब का पट्टा समिति के नाम किए जाने का नियम है। 2018 में गठित समिति में बड़ागांव न्याय पंचायत के पदाधिकारी और सदस्यों सहित 27 लोग शामिल हैं। 2020 तक काम चला। इसके बाद रिन्यूवल अटक गया। दिसंबर 2025 में उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर कॉल कर पंजीकरण नहीं होने की शिकायत की तब जांच शुरू हुई। तब ऑनलाइन पंजीकरण कराने की बात बताई गई।
उन्होंने दिसंबर में पंजीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हुए तीन बैठकें कर पत्रावली अपलोड कर दी। जनवरी से सहायक निदेशक मत्स्य आवेदन के लिए डीडी को अग्रसारित करने के नाम पर एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। उन्होंने कई बार में रुपये देने की हामी भरी और शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। राजेश कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार के कारण समिति के 27 लोग बेरोजगार घूम रहे हैं।
शाहजहांपुर से साथ गई थी एंटी करप्शन टीम
राजेश ने बताया कि रविवार को पूरनलाल ने उन्हें फोन कर खुद के पुवायां आने की बात कहते हुए रिश्वत के रुपये देने आने के लिए कहा। इस पर राजेश ने सोमवार को शाहजहांपुर आकर रुपये देने की बात कही। सुबह राजेश जब शाहजहांपुर आया तो एंटी करप्शन टीम भी यहां आ गई। राजेश ने पूरनलाल को फोन किया तो उसने खुद के समाधान दिवस में होने की बात कहते हुए तिलहर बुला लिया। इसके बाद राजेश को साथ लेकर एंटी करप्शन टीम तिलहर पहुंची।
सभी विभागों में चल रही रिश्वतखोरी-22 दिसंबर 2025 को कलान में प्रधान अध्यापक से रिश्वत लेने में बीईओ सतीश कुमार मिश्र व सहायक अध्यापक सुशील को गिरफ्तार किया गया।
-20 नवंबर 2025 को सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने मत्स्य विभाग के निरीक्षक संजीव कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विकास भवन के पास से गिरफ्तार किया।
- 16 फरवरी 2024 को तिलहर क्षेत्र में विरासत दर्ज कराने के लिए दो हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल अरविंद कुमार को पकड़ा गया।
-23 मार्च 2024 को आबकारी एक्ट के मामले में दस हजार रुपये मांगने पर बंडा थाने के उपनिरीक्षक नरेंद्र शर्मा को गिरफ्तार किया गया।