विकास भवन स्थित मत्स्य कार्यालय में खाली पड़ी हुईं कुर्सियां। संवाद
शाहजहांपुर। रिश्वत लेने के आरोपी मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) टीम ने बृहस्पतिवार को बरेली में कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। बृहस्पतिवार को मत्स्य कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक नदारद रहे।
ददरौल ब्लॉक के रोशननगर के रहने वाले निषाद पार्टी के कार्यकर्ता मुकेश कश्यप ने अपनी बहुउद्देशीय मत्स्य जीवी सहकारी समिति के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के लिए मत्स्य विभाग में आवेदन किया था। मुकेश ने बताया कि निरीक्षक संजीव कुमार से पंजीकरण कराने के लिए 80 हजार रुपये मांग रहा था।
मुकेश ने इसकी शिकायत सतर्कता अधिष्ठान में कर दी। बुधवार दोपहर को संजीव को पहली किश्त के तौर पर 20 हजार रुपये लेते हुए विजिलेंस टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। टीम आरोपी को सीधे तिलहर थाने ले गई। वहां पूछताछ करने के बाद बरेली ले गई और आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को विजिलेंस टीम ने मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार को कोर्ट में पेश किया। उसको न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
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मत्स्य कार्यालय पर पसरा रहा सन्नाटा
बृहस्पतिवार को मत्स्य कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के अलावा कार्यालय में कोई मौजूद नहीं रहा। कार्रवाई से विभाग के लोग सहमे हुए हैं। प्रभारी सहायक निदेशक मत्स्य पूरन लाल ने बताया कि वह कृषि विज्ञान केंद्र में हो रही गोष्ठी में शामिल होने गए थे। अन्य स्टाफ काम में लगा हुआ है। मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार के कृत्य के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं है।