ब्राह्मण समाज के स्थापना की 25वीं वर्षगांठ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर गुरु वंदन-छात्र अभिनंदन भी हुआ। इसके अलावा स्थापना काल से जुड़े 11 विशिष्टजनों और अतिथियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में प्रभात रंजन पांडेय को प्रदेश उपाध्यक्ष तथा अवधेश दीक्षित को प्रदेश मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बिसरात मार्ग स्थित परशुराम धाम में हुए समारोह का शुभारंभ आचार्य मुन्नालाल मिश्र और आचार्य जगदेव पांडेय ने हवन पूजन से किया। मां शारदे और भगवान परशुराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण हुआ। प्रतिभा अलंकरण के अंतर्गत सभी जाति-धर्माें के इंटर के 58, स्नातक, परास्नातक और अन्य कक्षाओं के 108 मेधावियों को प्रशस्ति पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि ब्राह्मण महासभा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्र शेखर शर्मा ने कहा कि ब्राह्मणों को आत्मचिंतन की आवश्यकता है। युवा शक्ति को बुरी आदतें छोड़ समाज और राष्ट्र कार्य में अपने को समर्पित करना चाहिए। कार्यक्रम अध्यक्ष मेजर डॉ. जेपी मिश्र ने आह्वान किया कि सभी लोग एक-दूसरे की मदद को तत्पर रहकर समाज को मजबूती दें। ब्राह्मण होने पर हमें गर्व करना चाहिए। गोष्ठी में संस्थापक राजाराम मिश्र, केके शुक्ल, त्रिभुवन शर्मा, डॉ. मंजू शुक्ला आदि ने भी संबोधित किया।
इस मौके पर गोविंद मोहन अवस्थी, अमित शर्मा, डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र, प्रदीप पांडेय, देवेंद्र मिश्र, विष्णु दयाल दीक्षित, रत्नाकर दीक्षित, देवेश वाजपेयी, संतोष पांडेय, बृजेश पांडेय, मनोज त्रिवेदी, अंबरीश शुक्ल, मनुज दीक्षित, राम नरेश अग्निहोत्री, सुशील दीक्षित, विनोद पांडेय, चंद्र प्रकाश वाजपेयी आदि मौजूद रहे। संचालन केशव चंद्र मिश्र और राकेश पांडेय ने किया।
इन विशिष्टजनों का हुआ सम्मान
ब्राह्मण समाज के रजत जयंती समारोह में मुख्य अतिथि चंद्र शेखर शर्मा, कार्यक्रम अध्यक्ष मेजर डॉ. जेपी मिश्र के अलावा गुरुवंदन कार्यक्रम के अंतर्गत ज्ञानेश वाजपेयी, अशोक मिश्र, अरविंद वाजपेयी, अखिलेश मिश्र, बृजमोहन मिश्र को जिलाध्यक्ष केशव चंद्र मिश्र, डॉ. केके शुक्ला, डॉ. संजय पाठक, डॉ. विजय पाठक, जेपी मिश्र और राकेश पांडेय ने फूल मालाएं पहनाकर तथा अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मानित किया। साथ ही संगठन के स्थापना से जुड़े सदस्यों कृपा सागर मिश्र, श्याम कुमार पाराशरी, डॉ. केके शुक्ला, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र, केशव चंद्र मिश्र, कनुप्रिया आदि को प्रशस्ति पत्र तथा अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया।