शाहजहांपुर। वित्त वर्ष की समाप्ति मंगलवार को हो जाएगी लेकिन कई परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं की जा सकी हैं। निर्माण कार्य की गति धीमी होने की वजह से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
न्यू ककरा सिटी में पिछले पांच वर्षों से नगर निगम कार्यालय का निर्माण चल रहा है। चार बार निर्माण की समय सीमा बढ़ाई जा चुकी है। काम पूरा नहीं होने पर एक बार निर्माण एजेंसी पर 66 लाख रुपये का जुर्माना भी लग चुका है। निर्माण कार्य पूरा होने का समय 31 मार्च तक है, लेकिन फिर भी काम अधूरा है। निर्माण एजेंसी की ढिलाई के चलते निर्माण समय से पूरा नहीं हो पा रहा है।
वर्ष 2021 में नगर निगम के नए कार्यालय भवन का निर्माण सीएंडडीएस की देखरेख में मैसर्स स्काईलाइन इंफ्रावर्ड प्राइवेट लिमिटेड ने शुरू किया था। इसकी लागत 43 करोड़ 39 लाख 57 हजार रुपये निर्धारित की गई थी। अब अप्रैल में काम पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
धीमी गति से चल रहा जलालाबाद-कांट रोड का निर्माण
जलालाबाद-कांट रोड पर करीब 35 किमी फोरलेन हाईवे का निर्माण कराया जा रहा है। 252 करोड़ की लागत की यह परियोजना दो वर्ष में पूरा होनी थी। हाईवे किनारे अतिक्रमण हटाना भी इसके निर्माण में बड़ा रोड़ा रहा है। जगह-जगह सड़क खोदकर डाल दी गई है। इसकी वजह से राहगीरों को असुविधा हो रही है। अब तक 60 प्रतिशत निर्माण ही पूरा हो पाया है। इसका निर्माण एक वर्ष पहले पूरा हो जाना चाहिए था।
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ग्रीन रोड के निर्माण में हो रही देरी
सीएम ग्रिड योजना के तहत अक्तूबर 2024 में शहीद अहमद उल्ला शाह पार्क से तेल टंकी तक करीब 400 मीटर लंबी ग्रीन रोड का निर्माण शुरू हुआ था। इसकी लागत करीब छह करोड़ रुपये है। इसका निर्माण एक वर्ष में पूरा होना था। एक वर्ष चार माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ग्रीन रोड का निर्माण अभी पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण में देरी की वजह से स्टेशन जाने वाले राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों और दुकानदारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यदायी एजेंसी का दावा है कि जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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पांच साल के बाद भी सीवर लाइन परियोजना का काम अधूरा
राज्य सेक्टर परियोजना के तहत शहर में सीवर लाइन डालने का कार्य वर्ष 2021 में शुरू हुआ था। कार्यदायी संस्था जल निगम को शहर में कुल 182 किमी क्षेत्र में सीवर लाइन बिछाने के साथ ही चैंबर बनाने और कनेक्शन दिए जाने का कार्य सौंपा गया था। करीब दो साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जल निगम ने निर्माण कार्य पूरा होने के बाद सीवर लाइन नगर निगम को हस्तांतरित नहीं की है। नगर निगम के सेंट्रल जोन में 167 किमी क्षेत्र में सीवर लाइन डालने का काम किया गया। इसमें गर्रा और खन्नौत नदी व रेलवे लाइन के बीच का क्षेत्र शामिल है। इसमें 28 वार्डों और पांच आंशिक वार्डों में लाइन डालने का काम हुआ है।
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लखनऊ-पलिया हाईवे का निर्माण भी अधूरा
लखनऊ-पलिया हाईवे के चौड़ीकरण का काम बहुत धीमी गति से चल रहा है। दिसंबर 2025 तक इसका निर्माण पूरा हो जाना चाहिए था। अब तक 50 प्रतिशत ही काम पूरा हो पाया है। अब जून 2026 तक इसका निर्माण पूरा होने की संभावना जताई जा रही है। पुवायां रोड स्थित पैना हायडिल से होते हुए एनएच-30 के पास मौजमपुर तक करीब 13 किमी के बाइपास का निर्माण चल रहा है।
नगर निगम से जुड़ी सभी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। नगर निगम कार्यालय के निर्माण में तेजी करने के निर्देश दिए गए हैं। अप्रैल में भवन का निर्माण पूरा होने की संभावना लग रही है।
- एसके सिंह, अपर नगर आयुक्त
जलालाबाद-कांट हाईवे पर उखड़ी पड़ी सड़क। संवाद