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पुलिस का कारनामा: 30 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ युवक, 29 में दिखा दी गिरफ्तारी

Wed, 02 Oct 2024 01:13 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर

सार

शाहजहांपुर में अपनी वाहवाही के लिए पुवायां पुलिस अजब कारनामा कर बैठी। जो आरोपी युवक 30 सितंबर को कोर्ट में पेश हुआ। उसकी गिरफ्तारी 29 सितंबर को दिखा दी।  
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विवेक श्रीवास्तव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शाहजहांपुर में कोर्ट से जारी वारंट पर आरोपी ने सोमवार को पेश होकर वारंट निरस्त कराया, लेकिन पुवायां पुलिस ने गुडवर्क दिखाने के चक्कर में रविवार को ही आरोपी की गिरफ्तारी दिखा दी। साथ में कोर्ट से वारंट निरस्त होने का पत्र दिखाने पर छोड़ने का प्रेस नोट भी जारी कर दिया। युवक ने मंगलवार को पुलिस से कड़ी आपत्ति जताई। 

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पुलिस ने 29 सितंबर को मीडिया को प्रेस नोट जारी कर बताया कि न्यायालय से 16 लोगों के गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। आठ लोगों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया, जिसमें नहिलोरा खुर्द के वरुण, सिंधौली के गांव ढकिया हमीदनगर के रामबरन, गांव जारमानो के लक्खा सिंह, बेहटा संवात के अनिल कुमार, अनिल की पत्नी मंशा शुक्ला, बड़ागांव के राजीव कुमार, मजीदापुर के विवेक श्रीवास्तव और जारमानो के ही संदीप का नाम शामिल था। अनिल, मंशा शुक्ला, राजीव, विवेक श्रीवास्तव, संदीप को न्यायालय में पेश हो जाने पर वारंट निरस्त होने का साक्ष्य प्रस्तुत करने पर थाने से छोड़ने की बात भी प्रेस नोट के जरिये कही गई थी। 

पुलिस ने ऐसे किया फर्जीवाड़ा 
विवेक श्रीवास्तव हिंदू जागरण मंच के प्रांत संपर्क प्रमुख हैं। मंगलवार को विवेक थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान से मिले और फर्जी गिरफ्तारी व वारंट निरस्त करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने का प्रेस नोट जारी करने पर अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही। उन्होंने बताया कि उनके घर पुलिस गई ही नहीं तो वारंट निरस्त करने का आदेश (रोवकार) किसने दिखा दिया? पुलिस के अनुसार उन्होंने रोवकार 29 सितंबर को दिखाया, लेकिन वह कोर्ट में 30 सितंबर को पेश हुए थे और वारंट निरस्त कराया था तो रोवकार 29 सितंबर को कहां से आ गया?  

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विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पुवायां पुलिस ने वाहवाही लूटने की नीयत से फर्जी प्रेस नोट जारी किया है। उन्हें अखबारों में पढ़कर पता चला कि पुवायां पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी और रोवकार प्रस्तुत करने पर छोड़ना बताया है। 

थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि पुलिस वारंटियों की तलाश में गई थी। विवेक और उनके भाई का अलग-अलग मामलों में वारंट था। संदीप ने रोवकार दिखाया था। इस कारण दरोगा ने रिपोर्ट लगा दी और प्रेस नोट में लिख दिया गया होगा। 

थाना प्रभारी के नेतृत्व में दिखाई गई कार्रवाई 
सराहनीय कार्य का प्रेस नोट जारी कर वारंटियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी को भी शामिल बताया गया है। प्रेस नोट के अनुसार वारंटियों को पकड़ने में थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान, दरोगा सोमपाल सिंह, शारंग सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, नीरेश और सिपाही गगन पवार शामिल थे। 
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