विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि पुवायां पुलिस ने वाहवाही लूटने की नीयत से फर्जी प्रेस नोट जारी किया है। उन्हें अखबारों में पढ़कर पता चला कि पुवायां पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी और रोवकार प्रस्तुत करने पर छोड़ना बताया है।
थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान ने बताया कि पुलिस वारंटियों की तलाश में गई थी। विवेक और उनके भाई का अलग-अलग मामलों में वारंट था। संदीप ने रोवकार दिखाया था। इस कारण दरोगा ने रिपोर्ट लगा दी और प्रेस नोट में लिख दिया गया होगा।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में दिखाई गई कार्रवाई
सराहनीय कार्य का प्रेस नोट जारी कर वारंटियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी को भी शामिल बताया गया है। प्रेस नोट के अनुसार वारंटियों को पकड़ने में थाना प्रभारी हरपाल सिंह बालियान, दरोगा सोमपाल सिंह, शारंग सिंह चौहान, हेड कांस्टेबल धीरेंद्र प्रताप सिंह, जितेंद्र कुमार, नीरेश और सिपाही गगन पवार शामिल थे।