मासूम बेटी नहीं बता पा रही थी गांव का नाम
सूचना के बाद थाना प्रभारी विनोद कुमार तोमर मौके पर पहुंचे। तन्नू से पूछताछ की। वह अपने गांव का नाम नहीं बता पा रही थी। उसने अपनी मां का नाम सुमन देवी, बड़े भाई का नाम रमन बताया।
यह भी बताया कि बड़ा भाई रमन गांव में बाबा ऋषिपाल व दादी ऊषा देवी के साथ रहता है। बच्ची से जानकारी पर जरियनपुर के एक सेवानिवृत्त फौजी ने उसकी पहचान की। इसके बाद अरुण के पिता ऋषिपाल से संपर्क साधकर बुलाया गया।
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इस बीच पीएसी की फ्लड यूनिट ने मोटरबोट से रामगंगा में दो चक्कर लगाए, लेकिन बारिश शुरू होने से पीएसी के जवानों को रेस्क्यू ऑपरेशन बीच में रोकना पड़ गया। तन्नू के अनुसार, तीन माह पहले उसकी मां सुमन देवी के दूसरे युवक के साथ जाने के बाद से पिता अरुण परेशान रहने लगे थे।
गुरुग्राम में टेंट का काम करता था अरुण
अरुण कुमार अपनी पत्नी सुमन देवी के साथ हरियाणा के गुरुग्राम में रहकर टेंट लगाने का काम करता था। तन्नू के अनुसार, उसकी मां लगभग तीन माह पहले उसे छोड़कर अलीगढ़ के थाना अतरौली के एक युवक के साथ चली गई। तभी से अरुण शराब पीने लगा था।
मंगलवार को दो बच्चों के साथ शाहजहांपुर के लिए बस से रवाना हुए। रात में घर आने के बाद अरुण ने दोनों को खाना खिलाया और खुद शराब पी। सुबह उन्हें लेकर पुल पर आया और बेटे ओमशिवा के साथ नदी में कूद गया।
चश्मदीद ने दी जानकारी
घटना के चश्मदीद जलालाबाद के गांव बझेड़ा महुआ डांडी निवासी श्याम पाल ने बताया कि एक युवक गमछे से अपने और बच्चे का हाथ बांधकर पुल की रेलिंग पर चढ़ा था। जब तक कुछ समझ पाता, तब तक उसने नदी में छलांग लगा दी।