कांट (शाहजहांपुर)। क्षेत्र के इंदेपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह झटका मशीन के तारों में उतरे करंट की चपेट में आने से किसान श्यामाचरण (65) और उनके पुत्र सुमित (28) की मौत हो गई।
श्यामाचरण का गांव से कुछ दूरी पर खेत है। फसल को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए उन्होंने खेत के चारों ओर तारों की बाड़ लगाई थी। इसमें वह खेत से करीब पांच सौ मीटर दूर घर में रखी झटका मशीन से तार जोड़कर करंट भेजते थे। यह तार गांव में आई बिजली लाइन के खंभों के सहारे ही ले जाई गई है। माना जा रहा है कि इसी मुख्य लाइन से झटका मशीन के तार में करंट आ गया।
बृहस्पतिवार सुबह करीब सात बजे श्यामाचरण खेत पर गए थे। वहां बाड़ से छूने से उनकी मौत हो गई। करीब दो घंटे बाद सुबह नौ बजे उनका पुत्र सुमित खेत पर पहुंचा। पिता को बेसुध देखकर उसने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह भी तार में दौड़ रहे करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दोपहर करीब 12 से एक बजे के बीच खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने पिता-पुत्र के शव पड़े देखे। उन्होंने पुलिस और परिवार के लोगों को सूचना दी। जानकारी मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों शवों घर ले आए। अधीक्षण अभियंता अनुज प्रताप सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में यही सामने आया है कि झटका मशीन की सर्विस केबल से मुख्य लाइन का करंट जुड़ने से बाड़ में उतरे करंट से दोनों की मौत हुई। सदर शुभम वर्मा ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच की जाएगी।
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पिता-पुत्र की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
कांट (शाहजहांपुर)। कांट क्षेत्र के इंदेपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह करंट की चपेट में आकर श्यामाचरण और उनके बेटे सुमित की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। सुमित रक्षाबंधन पर घर आकर त्योहार मनाने के बाद वापस पंजाब जाने वाले थे, लेकिन मौत ने उनके कदम रोक दिए। पति की मौत से पत्नी परमीना की दुनिया उजड़ गई।
इंदेपुर गांव में बृहस्पतिवार को हुई हृदयविदारक घटना से लोगों का दिल दहल गया। आसपास के गांवों के सैकड़ों लोग मौके पर उमड़ पड़े। परिजनों के अनुसार, सुमित पंजाब में नौकरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। रक्षाबंधन का पर्व घर पर मनाने के बाद वापस पंजाब जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन खेत में लगी बाजरा की फसल की देखरेख के लिए कुछ दिन रुक गए।
सुमित और उनके पिता की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भी काफी नाराजगी है। उनका कहना है कि इतनी गोशालाएं बनी हुई हैं। इसके बावजूद पशु सड़कों और खेतों पर नजर आते हैं। इनकी कोई पुख्ता व्यवस्था की जाए, क्योंकि छुट्टा पशुओं से बचाव के लिए तार लगाकर झटका मशीन से करंट छोड़ा जाता है।
उजड़ा मांग का सिंदूर और बिखर गए बच्चों के सपने
बृहस्पतिवार सुबह खेत पर गए सुमित की मौत से उनकी पत्नी परमीना की मांग का सिंदूर उजड़ गया और उनके बच्चे अनुराग और आरती के सपने बिखर गए। परमीना पति के शव से लिपटकर खूब रोईं। बोलीं, उठो मुझसे और अपने जिगर के टुकड़ों से बात करो। यह देख हर आंख नम हो गई। श्यामाचरण की पत्नी मीना, बेटे अनिल, शिव कुमार और बेटी स्वार्थी भी बिलख पड़े।
पूर्व में ये हुईं घटनाएं
- छह जून 2025 : कांट थाना क्षेत्र के बरौली गांव में झटका मशीन में उतरे करंट से दो सगे भाइयों की मौत हो गई थी।
- 19 जनवरी 2026 : कांट थाना क्षेत्र के हसनपुर रसकूपा गांव में झटका मशीन में करंट उतरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी।
बगैर किसी तकनीकी जानकारी के असुरक्षित उपाय नहीं अपनाने चाहिए जिससे कि खतरा पैदा हो। इस संबंध में किसानों को जागरूक किया जाएगा।
-रजनीश मिश्रा, एडीएम प्रशासन
सूचना आने पर अवर अभियंता को मौके पर भेजा था। जांच में सामने आया कि झटका मशीन में सर्विस केबल का तार जोड़ते समय दुर्घटना हुई है। हादसे को देखकर संबंधित जेई को लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, जिससे ऐसे हादसों से बचा जा सके।
-अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता
श्यामाचरण का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : 1
श्यामाचरण का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन- फोटो : 1