नायब तहसीलदार ने कराया भर्ती
कुर्की की जानकारी पाकर गांव के कई लोग मौके पर पहुंच गए थे। मनीष के कीटनाशक पीने के बाद भीड़ में कई तरह की बातें होने लगीं। इसके बाद नायब तहसीलदार मनीष को अपने वाहन से सीएचसी पुवायां लाए और भर्ती कराया। मनीष के परिजन और गांव के लोग भी सीएचसी पहुंचे और मनीष का हाल जाना।
मनीष का इलाज कर रहे डॉ. एमके सिंह का कहना है मनीष उर्फ नन्हेंलाल को अस्पताल लाया गया है। परिवार के लोग कीटनाशक पीना बता रहे हैं। इलाज किया जा रहा है। ऐसे मरीज की हालत कब बिगड़ जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता है। अगर कोई दिक्कत हुई तो जिला अस्पताल रेफर किया जाएगा।
खेती में घाटा होने पर कर्ज नहीं जमा कर सका
ईश्वर दयाल ने खेती के लिए कर्ज लिया था, लेकिन घाटा हो जाने से कर्ज की राशि वापस नहीं हो सकी। पुत्र मनीष भी मुद्रा लोन योजना के तहत ली गई कर्ज की राशि वापस नहीं कर सका। अब दस लाख रुपये की राशि ब्याज सहित बढ़कर लगभग बीस लाख हो गई है।
ईश्वर दयाल के पास चार एकड़ खेती है। उन्होंने पांच वर्ष पूर्व किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से खेती में लागत के लिए पांच लाख रुपये का कर्ज लिया था। खेती में घाटा हो गया, इस कारण कर्ज की राशि जमा नहीं हो सकी। रुपये जमा नहीं हुए तो ब्याज जुड़ कर कर्ज की राशि बढ़ती चली गई।
इस बीच मनीष ने खेती में घाटा देख मुद्रा लोन योजना के तहत पांच लाख रुपये का कर्ज लेकर कोल्हू लगाया था। कुछ दिन चलने के बाद कोल्हू भी घाटे के कारण बंद कर देना पड़ा। मनीष भी कर्ज की राशि जमा नहीं कर सके। पिता पुत्र ने लगभग दस लाख रुपये का कर्ज लिया था, जो अब ब्याज सहित लगभग 20 लाख रुपये हो गया है। कर्ज की राशि चुकता नहीं होने पर बैंक ने आरसी जारी कराई थी। इसी के तहत नायब तहसीलदार जमीन को कुर्क करने पहुंचे थे।
अभद्रता के आरोप गलत
नायब तहसीलदार आशीष सिंह ने कहा कि ईश्वर दयाल और उनके बेटे मनीष दोनों लोग बकाएदार हैं। इसलिए कुर्की की कार्रवाई के लिए शनिवार को वह टीम के साथ खेत पर गए थे। ईश्वर दयाल और मनीष पहले से ही तैयार थे। मनीष ने बोतल से कीटनाशक पीने की कोशिश की तो अमीन में तुरंत बोतल छीनकर फेंक दी। मनीष को सीएचसी पहुंचाया गया। इलाज कराया जा रहा है।