किसानोें को सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने को करें प्रोत्साहित
डीएम विजय किरन आनंद बुधवार को दोपहर बाद अचानक नवीन मंडी स्थल जा पहुंचे।उन्होंने वहां के गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने को प्रोत्साहित करें। इस दौरान कई केंद्रों पर भुगतान के लिए धनराशि की कमी बताए जाने पर उन्होंने मंडी सचिव को फटकार लगाई और यूपीएसएस के जिला प्रबंधक को तत्काल सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
डीएम के दौरे से गल्ला आढ़तियों में मचा हड़कंप
डीएम के मंडी स्थल पहुंचते ही वहां के गल्ला आढ़तियों में हड़कंप मच गया। कुछ व्यापारी तो दुकानाें के शटर गिराकर चुपचाप खिसक लिए। बाकी किसानों की भीड़ में शामिल होकर नजारा देखने लगे। डीएम ने यूपीएसएस के प्रभारी सूरज गुप्ता से खरीद के संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्हाेंने अभिलेख दिखाते हुये बताया कि 26 अप्रैल तक 2212 क्विंटल खरीद हो चुकी है। जबकि आरएफसी के दूसरे केंद्र पर 1869.50 क्विंटल खरीद बताई गई। उन्हाेंने किसानाें से खरीद में किसी प्रकार की असुविधा या अवैध वसूली की जानकारी मांगी तो किसानाें ने इससे इंकार किया।
गल्ला आढ़तियों से लिया खरीद का जायजा
मंडी में ही व्यापारियाें की आढ़त पर जाकर डीएम ने उनसे पूछताछ करके प्राइवेट सेक्टर में गेहूं खरीद का जायजा लिया। मंडी सचिव अनिल शर्मा ने डीएम को बताया कि किसान व्यापारियाें से एडवांस में रूपया उधार ले जाते हैं। जिस कारण वह अपनी फसल केंद्राें के बजाय व्यापारियाें को ही देना पसंद करते हैं। इस पर डीएम ने सचिव को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि गांव गांव जाकर किसानाें को सरकारी केंद्राें पर गेहूं लाने के लिये प्रोत्साहित करें। उन्होेंने चेतावनी दी कि इसमें जरा भी कोताही मिलने पर कड़ी कार्यवाही होगी। उन्होंने केंद्र प्रभारी द्वारा यह बताने पर कि पैसा न होने के कारण खरीद नहीं हो पा रही है, यूपीएसएस के जिला प्रबंधक को सुधर जाने की हिदायत दी कि किसानाें का खून चूसना बंद करेें वरना नौकरी करनी मुश्किल हो जाएगी। इस दौरान एसडीएम विजय शंकर दुबे, मंडी सचिव अनिल शर्मा, लेखपाल अनूप शर्मा सहित आदि मौजूद रहे।