पुवायां। यूरिया के लिए बृहस्पतिवार को भी इफको किसान सेवा केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइनें लगी रहीं। इसके बाद भी कई को यूरिया नहीं मिली।
यूरिया न पड़ने से धान और गन्ने की बढ़वार पर असर पड़ने की आशंका है। इस कारण किसान समय पर यूरिया डालना चाहते हैं। इस कारण यूरिया की भारी मांग है। धान, गन्ने में यूरिया डालने के लिए किसान सुबह चार बजे ही इफको के केंद्रों पर पहुंचकर लाइन में लग जाते हैं। इसके बाद भी यूरिया नहीं मिल पा रही है। पुवायां में सुबह आठ बजे ही लगभग 500 किसानों लाइन में लग गए। एक किसान को चार से पांच बोरी यूरिया दी जा रही है और एक केंद्र से लगभग 700 बोरी यूरिया का रोजाना वितरण हो रहा है। इस तरह 150 से 170 किसानों को ही यूरिया मिल पाती है। लाइन में पीछे लगे किसानों को बैरंग लौटता पड़ता है। संवाद
खुटार में भी रही भारी भीड़
खुटार। इफको किसान सेवा केंद्र पर यूरिया लेने के लिए किसानों की भारी भीड़ रही। 16 जुलाई को यूरिया को लेकर किसानों के बीच मारपीट हो गई थी और खाद का वितरण बंद करना पड़ा था। 17 जुलाई को कुछ कम भीड़ रही, लेकिन इसके बाद भी तमाम किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
किसान रामवीर, जयदेव, हरीशंकर, रामकुमार खाद लिए बिना ही लौट गए। किसानों ने बताया कि सारा काम बंद कर सुबह चार बजे आकर लाइन में लगना पड़ता है, तब खाद मिल पाती है। देरी होने पर बिना खाद के लौटना पड़ता है, इससे फसल के साथ ही काम का भी नुकसान हो रहा है। प्रशासन को ज्यादा यूरिया मंगवाकर पुलिस और राजस्व कर्मियों की टीम लगाकर वितरित करानी चाहिए, तभी समस्या का समाधान हो सकेगा। संवाद
मजदूरी पर लाइन में लग रहे लोग
कई किसान श्रमिकों को लाइन में लगवाकर खाद ले रहे हैं। तेज धूप और गर्मी में जो किसान खुद लाइन में नहीं लग पाते हैं, वह 200 से 300 रुपये देकर श्रमिकों को लाइन में लगाकर खाद ले रहे हैं। उधर, कई श्रमिक खुद ही सुबह चार बजे से लाइन में लग जाते हैं और बाद में किसानों से रुपये लेकर अपने स्थान पर किसान को खड़ा कर घर चले जाते हैं।
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इस कारण इफको की दुकानों पर हो रही भीड़
इफको की यूरिया, डीएपी और एनपीके खाद पर किसानों को भरोसा है। इस कारण किसान परेशानी उठाकर भी इफको केंद्र से ही खाद लेना चाहते हैं। दूसरा कारण यह है कि निजी दुकानों पर यूरिया उपलब्ध ही नहीं है, जहां यूरिया है, वहां यूरिया के साथ जिंक आदि लिए बिना यूरिया नहीं दी जा रही है और रेट भी प्रति बोरी 15 से 20 रुपये ज्यादा लिए जा रहे हैं।
मैं एक सप्ताह से रोजाना खाद लेने के लिए इफको केंद्र आ रहा हूं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। अगर खाद नहीं मिलेगी तो फसल खराब हो जाएगी। अधिकारियों को समस्या पर ध्यान देना चाहिए।
- करुणाशंकर मिश्रा, निवासी बेला छेदा, पुवायां
मैं बुधवार सुबह आया और शाम छह बजे तक रहा लेकिन मात्र 41 किसानों को खाद मिल सकी, जिसमें मेरा नंबर नहीं आया। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे पहुंचा तो 80 नंबर मिला और खाद नहीं मिली है।
सुशील शुक्ला, निवासी बनियानी पुवायां
पुवायां में इफको केंद्र पर यूरिया के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
पुवायां में इफको केंद्र पर यूरिया के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद
पुवायां में इफको केंद्र पर यूरिया के लिए लगी किसानों की भीड़। संवाद