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बकाया भुगतान की मांग को लेकर मकसूदापुर में राकिमसं का धरना प्रदर्शन जारी

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पुवायां। गत वर्ष का बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (राकिमसं) का धरना-प्रदर्शन मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी गई है। मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल पर किसानों का पिछले वर्ष बेचे गए गन्ने का करीब 75 करोड़ रुपये बकाया है।
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बकाया भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ताओं ने चार दिसंबर से मिल गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया था। पांच दिसंबर को किसानों ने मिल के मुख्य गन्ना गेट पर ताला जड़ दिया, इससे गन्ने की तौल ठप हो गई थी। रात में मिल प्रबंधन ने दूसरे गेट से गन्ने की तौल शुरू करा दी थी। सोमवार को एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव और सीओ बीएस वीरकुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसान नेताओं ने वार्ता की।
मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह को भी बुलाया गया था, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका था। मंगलवार को धरना स्थल पर संगठन के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि बकाया गन्ना भुगतान नहीं मिलने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा। उधर, भाकियू चढ़ूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, तरविंदर सिंह मोमी, अंग्रेज सिंह आदि ने धरने का समर्थन देते हुए कहा कि 11 दिसंबर के मिल की गन्ना चेन को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। कोई भी किसान गन्ना लेकर न आए। इस दौरान रामशंकर मिश्रा, सचिन मिश्रा, उमाशंकर पटेल, प्रेमसागर पटेल सहित तमाम किसान नेता मौजूद रहे।
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दूसरी मिलों को दिए जाएं गन्ना सेंटर
राकिमसं के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने मांग की है कि बजाज चीनी मिल मकसूदापुर को आवंटित गन्ना क्रय केंद्र दूसरी मिलों को आंवटित किए जाने चाहिए। कहा कि निगोही, रोजा और गिरगिचा मिलों ने पूरा भुगतान कर दिया है तो बजाज चीनी मिल क्यों नहीं कर रही है?
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