संवाद न्यूज एजेंसी
तिलहर। मंडी समिति में धान खरीद में देरी से किसान परेशान हैं। बुधवार को मंडी परिषद के अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान किसानों ने बताया कि वे एक सप्ताह से धान लेकर मंडी में डटे हैं, लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर टोकन और बारदाना नहीं मिलने से खरीद नहीं हो रही है। खुले में पड़ी उपज को गोवंशीय पशु खा रहे हैं। किसानों ने बताया कि बाढ़ और बारिश से पहले ही फसल को नुकसान हो चुका है। अब खरीद में देरी से बची उपज भी खराब होने का खतरा बना हुआ है।
बुधवार दोपहर मंडी परिषद के उपनिदेशक प्रशासनिक विपणन जितेंद्र प्रताप सिंह, उपनिदेशक निर्माण विश्वेंद्र सिंह और उपनिदेशक आलोक निधि ने मंडी का निरीक्षण किया। किसानों ने अधिकारियों को धान खरीद में आ रही दिक्कतें बताईं। किसान धीरेंद्र सिंह, विजयपाल, वीरेंद्र, दिनेश वर्मा सहित कई किसानों का कहना था कि समय पर टोकन और बारदाना नहीं मिलने से उन्हें मजबूरी में निजी दुकानदारों को कम कीमत पर धान बेचना पड़ रहा है।
किसानों की शिकायत पर निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह को क्रय केंद्रों पर टोकन और बारदाने की व्यवस्था कराकर तत्काल धान खरीद कराने के निर्देश दिए।
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2.94 करोड़ से संवरेगी मंडी
अधिकारियों ने मंडी की व्यवस्थाओं के साथ सुंदरीकरण और मरम्मत कार्यों का भी जायजा लिया। 2.94 करोड़ रुपये से मंडी अधिकारियों के आवास, चबूतरे, बाउंड्रीवॉल, शौचालय और किसान विश्राम स्थल समेत अन्य कार्य कराए जाएंगे। किसानों के लिए चार फ्रीजर की व्यवस्था भी की जाएगी। निरीक्षण के दौरान परिसर में गड्ढे और नालियों पर लगे क्षतिग्रस्त जाल मिलने पर इन्हें तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए।