चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। सुदेश और ऊषा की तीन साल पहले ही शादी हुई थी। उनका एक साल का बेटा भी है। जिसका अभी नामकरण नहीं हुआ है। जमीन गिरवी रखने के बाद वह ठेके पर भूमि लेकर खेती करने लगे थे।
थाना प्रभारी अश्वनी कुमार ने बताया कि सुदेश ने पत्नी के उपचार के लिए जमीन को गिरवी रख कर कर्ज लिया था। ठेके पर भूमि लेकर गेहूं बोया था जिसे छुट्टा पशु चर गए। इससे वे काफी आहत हो गए थे।