गन्ना शोध परिषद के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने गन्ना शोध परिषद के पहले दौरे के दौरान वैज्ञानिकों का पक्ष लेते हुए कहा कि वैज्ञानिक किसानों के आर्थिक शिल्पकार हैं। बावजूद इसके किसान की तरह उन्हें भी उचित सम्मान नहीं मिलता है, जबकि फिल्मी अभिनेता और खिलाड़ियों को सिर आंखों पर बिठाया जा रहा है।
यादव ने कहा कि वैज्ञानिक का अधिकांश जीवन प्रयोगशालाओं में बीतता है। कहा कि वह उनके सम्मान और सहूलियत को लेकर चिंतित और उनके लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने वैज्ञानिकों से अपेक्षा करते हुए कहा कि वह लोग ऐसे यंत्र को बनाए, जो गन्ना कटाई, छिलाई और बंधाई आदि में मानव श्रम को कम कर सके। कहा कि वैज्ञानिकों का शोध कार्य व्यवहारिक लाभ सीधा किसानों को मिले, तभी मीठी क्रांति संभव है।
इससे पहले प्रयोगशालाओं एवं गन्ना प्रक्षेत्रों पर चल रहे प्रदर्शनों पर शोध परिषद के निदेशक डॉ. बीएल शर्मा को बधाई भी दी। इसके साथ ही कृषि विश्व विद्यालय बनाने के लिए पूरा प्रयास करने का आश्वासन देते हुए कहा कि ऐसा होने से हरदोई सीतापुर, लखीमपुर, पीलीभीत, बदायूं और फर्रुखाबाद जिलों के किसानों के लाभान्वित होने की बात कही। इस दौरान प्रसार प्रभारी राजेंद्र मिश्रा, मौजीलाल यादव आदि मौजूद रहे।
कृषक दल की साइकिल यात्रा कल
शाहजहांपुर। आम लोगों की परेशानियों के निराकरण के लिए भारतीय कृषक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरोज दीक्षित के नेतृत्व में सत्याग्रह शुरू किया गया है, जिसके तहत महासचिव प्रमोद यादव सोमवार को तिलहर के जीआईसी मैदान के पास से साइकिल यात्रा निकालेंगे, जिसका समापन जनसभा के साथ खिरनीबाग मैदान में होगा। इस दौरान हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जाएगा।