इसके बाद बुधपाल के शरीर में हरकत होना बंद हो गई। रात करीब आठ बजे परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। उसकी मौत से पत्नी रामश्री, बेटा अजीत, रामजी और नैंसी का रो-रोकर बुरा हाल है।
अंधविश्वास में यह हुईं घटनाएं
1. 18 अगस्त 2022 को जैतीपुर के गांव मरुआझाला गांव में पूर्व प्रधान को सांप ने डस लिया था। दो दिन तक देसी इलाज कराने के बाद 20 अगस्त को उनकी मौत हो गई।
2. 12 जुलाई 2022 को पुवायां के गांव गंगसरा में एक ढाबा संचालक को सांप ने डस लिया। परिजन बंडा में झाड़फूंक कराते रहे। बाद में राजकीय मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत हो गई। घरवाले मौत के बाद भी उसकी झाड़फूंक कराते रहे।
3. 12 जून 2022 को निगोही के मोहरतला गांव में सांप काटने के बाद परिजन युवक की झाड़फूंक कराते रहे। बाद में मृत्यु होने पर कई दिन तक गोबर में दाबकर रखा। फिर अंतिम संस्कार किया।
4. 17 अगस्त 2022 को मिर्जापुर के थरिया गांव में 17 अगस्त सुबह छह बजे बुजुर्ग को सांप ने डस लिया। पूरा दिन झाड़फूंक कराने के बाद अगले दिन फर्रुखाबाद के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
5. 22 अगस्त 2022 कटरा थाना क्षेत्र के गांव पौकी निवासी रामरतन (42) को सांप ने डस लिया। उनकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन अस्पताल नहीं ले गए, बल्कि झाड़फूंक कराते रहे। सुबह उनकी मौत हो गई।
6. 24 अगस्त 2022-मीरानपुर कटरा की रामनगर कॉलोनी मेहंदी हसन के पुत्र अली हसन को सांप ने काट लिया। वह खेत से लौट रहा था। परिजन उसका देसी इलाज कराते रहे।
यह कहते हैं चिकित्सक
- सांप के काटने के बाद झाड़फूंक और देसी उपचार से बचें।
- मरीज को तुरंत ही सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाकर उपचार कराएं
- सांप काटने पर घबराने से बचे, ऐसा करने से हार्टअटैक की आशंका रहती है।
- जिस जगह पर सांप काटे, उसे चलाएं नहीं, स्थिर ही रहने दें।
- कुछ लोग उस स्थान पर चीरा लगा देते हैं, चूसकर जहर निकालने का प्रयास ना करें।
- 80 प्रतिशत सांप जहरीले न होने के कारण झाड़फूंक करने वाले फायदा उठाते हैं।
(जैसा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. एमएल अग्रवाल ने बताया)