निगोही (शाहजहांपुर)। कई दिन से धान बेचने के लिए परेशान किसान प्रवेश सिंह ने बृहस्पतिवार को बछूली क्रय केंद्र पर जहर खा लिया। परिजनों ने उसे सीएचसी पर भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उसे छुट्टी दे दी गई। अधिकारियों के मुताबिक, जिस व्यक्ति से तौल कराने को लेकर उसकी बहस हुई थी, वह कर्मचारी नहीं है।
गांव ढकिया तिवारी के रहने वाले विजेंद्र सिंह ने बताया कि भाई प्रवेश ने गांव के विद्यालय के नाम दर्ज 99 बीघा जमीन को नीलामी में लिया था। पांच नवंबर को 347 क्विंटल धान बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। ट्रैक्टर ट्रॉली में धान लेकर कई बार बछूली धान क्रय केंद्र गया लेकिन तौल नहीं हो सकी।
बृहस्पतिवार सुबह प्रवेश फिर क्रय केंद्र पहुंचा। वहां पर मौजूद एक ठेकेदार ने उसके धान की तौल करने से इन्कार कर दिया। इसको लेकर प्रवेश की काफी देर तक उससे बहस होती रही। इस बीच प्रवेश ने साथ लाया जहर खा लिया। जब उसकी हालत बिगड़ी तो वहां मौजूद किसानों ने उसके परिजनों को सूचना दी।
परिजन उसको लेकर सीएचसी पहुंचे। सीएचसी प्रभारी डाॅ. नितिन चौधरी ने बताया कि तबीयत ठीक होने पर मरीज को छुट्टी दे दी गई है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडे ने बताया कि विद्यालय के नाम दर्ज जमीन किसान ने नीलामी में ली है। रजिस्ट्रेशन करते समय किसान ने खुद को बटायेदार दिखाने के स्थान पर मालिक दिखा दिया था। इस वजह से भुगतान में दिक्कत होती।
इस संबंध में किसान को बताया गया था। किसान का रजिस्ट्रेशन फिर से खुलवाकर ठीक कराया जाएगा। उसके धान की तौल करा दी गई है। केंद्र पर किसी अन्य व्यक्ति से उसकी बहस हुई थी। वह प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़ा व्यक्ति नहीं है। केंद्र पर किसी अन्य व्यक्ति की उपस्थिति के बारे में जानकारी कर कार्रवाई की जाएगी।
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केंद्र पर नहीं मिलते प्रभारी, आढ़तों पर धान बेच रहे किसान
शाहजहांपुर। किसानों के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की तौल कराना आसान नहीं है। अधिकतर केंद्रों पर प्रभारी मौजूद नहीं रहते और बिचौलिये किसानों को बरगलाकर आढ़त पर ले जाते हैं। झंझट से बचने के लिए किसान घाटा उठाकर भी आढ़त पर धान बेच देते हैं।
जिले में 186 धान खरीद केंद्र बनाए गए हैं। सामान्य धान का एमएसपी 2369 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड-ए धान की 2389 रुपये प्रति क्विंटल है। अब तक करीब 85 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है जबकि लक्ष्य तीन लाख पांच हजार क्विंटल है।
पुवायां, रोजा, तिलहर मंडियों में धान बेचने के लिए आने वाले किसानों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है। रोजा मंडी समिति में सरकारी क्रय केंद्रों पर कई केंद्र प्रभारी सुबह से शाम तक नदारद रहते हैं। शाम होते ही सत्यापन करने की प्रक्रिया शुरू कर खरीद चढ़ा दी जाती हैं। वहीं, केंद्रों पर बिचौलिये हावी हैं।
केंद्र पर पहुंचने वाले किसान से यही बिचौलिये बात करते हैं और उन्हें बरगलाकर आढ़त पर ले जाते हैं। यहां पर किसान 17-18 सौ रुपये प्रति क्विंटल पर अपना धान बेचने के लिए मजबूर होते हैं। भावलखेड़ा गांव के किसान अवनीश कुमार दीक्षित ने बताया कि सोमवार सुबह ट्राॅली से धान लेकर रोजा मंडी के सरकारी क्रय केंद्र पर आए थे।
बुधवार को धान की तौल हो गई। इसके बाद उनसे 35 रुपये प्रति क्विंटल की मांग की गई। बृहस्पतिवार को कागज लेकर आने के लिए कहा गया। किसान अपने कागज लेकर बृहस्पतिवार सुबह क्रय केंद्र पर आ गया, जहां शाम चार बजे तक उनके कागजों का न ही सत्यापन कराया गया न ही उनका धान चढ़ाया गया। उन्होंने बताया उनकी क्रय केंद्र प्रभारी से बात नहीं हो सकी है। सारी बातचीत वहां पर श्रमिक ही करते हैं।
निगोही के गुड़गवा निवासी सुशील मिश्रा शनिवार को धान लेकर रोजा मंडी के सरकारी क्रय केंद्र पर आए लेकिन मंगलवार तक क्रय केंद्र प्रभारी से मुलाकात नहीं हुई। बुधवार को क्रय केंद्र प्रभारी ने बताया कि दो में से एक ट्राॅली का धान खराब है। किसान ने खराब धान बताई गई ट्राॅली को आढ़त पर 1740 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से बेच दिया।
सही बताए गए धान की तौल कराने के लिए कहा तो केंद्र प्रभारी टालमटोल करने लगे। इस पर उसने डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद किसान के धान की तौल शुरू की गई। पल्हौरा गांव के अशोक कुमार ने बताया कि बुधवार सुबह धान लेकर मंडी आए थे। रात ट्राॅली पर बिताई लेकिन बृहस्पतिवार शाम तक तक क्रय केंद्र प्रभारी ढूंढ़े नहीं मिले।
तिलहर : सरकारी केंद्रों पर 96 हजार क्विंटल धान खरीद
तिलहर। मंडी समिति में अब तक 2,20,000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है लेकिन सरकारी क्रय केंद्रों पर 96 हजार क्विंटल धान की ही खरीद हुई है। इस बीच कई किसानों ने व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। किसानों का कहना है कि सरकारी क्रय केंद्रों पर उन्हें घंटों नहीं, बल्कि कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बावजूद उनके धान की खरीद नहीं हो पा रही है। सुनौरा निवासी विजय और बिहारीपुर के ओमवीर ने बताया कि वे तीन दिन तक मंडी में सरकारी क्रय केंद्र के बाहर धान की खरीद का इंतजार करते रहे, लेकिन उनकी बारी नहीं आई।
मंडी सचिव शिवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सरकारी क्रय केंद्रों पर किसानों के धान की खरीद नियमित रूप से जारी है। कई किसान अपने निर्धारित क्षेत्र के क्रय केंद्रों को छोड़कर सीधे मंडी में आ रहे हैं। ऐसे में उन किसानों की खरीद तुरंत संभव नहीं हो पाती। संवाद
बिचौलियों से बात न करें किसानः पांडे
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी राकेश मोहन पांडे ने बताया कि किसान सीधा केंद्र पर धान लेकर जाएं। किसी बिचौलिये से बात नहीं करें। केंद्र प्रभारी अगर नहीं मिलते हैं तो थोड़ा इंतजार कर लें। अगर लंबे समय तक केंद्र प्रभारी नदारद रहते हैं तो उच्च अधिकारियों को सूचित करें। सभी केंद्रों पर अधिकारियों के माेबाइल नंबर लिखे हुए हैं। केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि अगर वे केंद्र से कहीं जाते हैं तो सूचित करके जाएं और यह भी निश्चित करें कि उतने समय बाद वे केंद्र पर लौट आएंगे। अगर शिकायत आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। केंद्र पर व्यवस्था से बाहर के व्यक्ति के मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
निगोही सीएचसी में भर्ती किसान प्रवेश सिंह। संवाद
निगोही सीएचसी में भर्ती किसान प्रवेश सिंह। संवाद