रोजा के चरकुई गांव में राजरूप की मौत के बाद मौके पर पहुंचकर जांच करती पुलिस। स्रोत: जागरुक पाठक
शाहजहांपुर। बैंक के दो लाख के ऋण से परेशान किसान ने फंदे से लटककर जान दे दी। पोस्टमॉर्टम कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
रोजा थाना क्षेत्र के चरकुई गांव निवासी 50 वर्षीय राजरूप उर्फ पट्टे के बेटे विनीत कुमार ने बताया कि उनके पास 15 बीघा खेत है। पिता ने करीब तीन साल पूर्व सिसौआ स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा से ऋण लिया था। ऋण अब बढ़कर दो लाख रुपये हो गया। कई बार बैंककर्मियों ने घर आकर ऋण अदा करने के लिए कहा।
सात दिन पहले भी बैंककर्मियों ने ऋण अदा करने के लिए कहा था। विनीत कुमार ने बताया कि पिता पंजाब में धान की रोपाई के लिए गए थे। अभी दो दिन पहले ही पिता पंजाब से लौटे। पिता को बताया कि बैंक कर्मियों ने ऋण अदा करने के लिए कहा। पिता ने खेत बेचने की बात कही तो बेटों ने मना कर दिया।
कहा कि वे लोग मेहनत कर ऋण अदा करेंगे, लेकिन पिता तनाव में रहने लगे। रविवार की रात पिता ने गांव में स्थित दूसरे मकान में जाकर टिनशेड से किसी समय फंदा लगाकर जान दे दी। सोमवार सुबह जब परिवार के लोग पिता को चाय पीने के लिए बुलाने गए तो उनका शव फंदे से लटका देखकर होश उड़ गए।
पत्नी कुसुमा व बच्चों का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया। परिवार के लोगों ने सभी को संभाला और सांत्वना दी। रोजा थाना प्रभारी राजीव कुमार ने बताया कि परिजनों ने किसी प्रकार का कोई आरोप नहीं लगाया है। तहरीर मिलती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।