खुटार। पुत्री को नाबालिग साबित करने वाले दस्तावेजों को न लेने और एक दरोगा और दो सिपाहियों पर राजीनामा करने का दबाव बनाने के आरोप में एक परिवार पुलिस के खिलाफ पांच घंटे तक धरने पर बैठा रहा। एसपी ग्रामीण और सीओ प्रवीण मलिक के समझाने पर धरना समाप्त किया गया।
क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति की पुत्री को गांव गेहूंआ का रितिक कहीं ले गया था। पिता ने रितिक सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पिता का आरोप था कि पुत्री की एक स्कूल की टीसी ली गई जिसमें उसे बालिग दिखाया गया है। उनके पास मौजूद जच्चा-बच्चा प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज जिसमें पुत्री नाबालिग है, उनको दरोगा ने लेने से मना कर दिया था।
पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए पिता परिजनों के साथ शनिवार सुबह से घर के बाहर खुटार पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए। जानकारी पाकर एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा, सीओ प्रवीण मलिक, पुवायां थाना प्रभारी आरके रावत मौके पर पहुंचे। सीओ प्रवीण मलिक ने बताया कि कोर्ट ने लड़की को बालिग करार दिया है। अधिकारियों के समझाने के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।