पुवायां। धान खरीद घोटाले के आरोपियों पर अफसर अब भी मेहरबान हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अधिकारियों ने पुलिस को अब तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी तो पुलिस ने भी अपनी विवेचना को आगे नहीं बढ़ाया। इस वजह से घोटाले के आरोपियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
गौरतलब है कि जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अविनाश चंद्र सागरवाल ने आठ फरवरी को कर्मचारी कल्याण निगम नत्थापुर के सेंटर प्रभारी उदयवीर के खिलाफ पुवायां और कर्मचारी कल्याण निगम के ही बंडा के गांव लुकमानपुर बहेड़ा में लगे सेंटर के प्रभारी उदयवीर पर पुवायां और बंडा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुवायां में दर्ज रिपोर्ट के विवेचक एसआई नगेंद्र सिंह इस मामले में अब तक तीन पर्चे काट चुके हैं। उनका कहना है कि वादी ने अभी तक जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई है। जांच रिपोर्ट मिलते ही विवेचना को आगे बढ़ाया जाएगा।
बंडा के थाना प्रभारी राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि लुकमानपुर बहेड़ा सेंटर के प्रभारी पर दर्ज रिपोर्ट में विवेचना चल रही है। अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच पूरी होने के बाद जानकारी दी जाएगी।
लीपापोती की तैयारी
सूत्रों का कहना है कि पुलिस और खाद्य विभाग के अफसर इस घोटाले में लीपापोती की तैयारी में जुटे हैं। जिन भूमिहीन किसानों के नाम पर खरीद की गई है, अब उन्हें बटाईदार बताकर मामले को रफा दफा करने की तैयारी है। इसी वजह से अफसर जांच रिपोर्ट देने में देरी कर रहे हैं और पुलिस विवेचना को लटका रही है।