फैक्टरी के कर्मचारी आपस में बात करते हुए। संवाद
शाहजहांपुर। द यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड के कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच शनिवार को वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की मौजूदगी में फैसला हो गया। पहले फैक्टरी प्रबंधन 244 कर्मचारियों को 6.1 करोड़ रुपये वारिस मुआवजा देने पर अड़ा था लेकिन वित्तमंत्री के हस्तक्षेप के बाद फैक्टरी प्रबंधन 9.46 करोड़ रुपये देने को तैयार हो गया है। इस पर कर्मचारियों ने सहमति जता दी है। इसके बाद कर्मचारियों ने इसी साल दो फरवरी से चल रहे क्रमिक अनशन को समाप्त कर दिया है।
शनिवार दोपहर गन्ना शोध संस्थान के अतिथि गृह में फैक्टरी प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच वित्तमंत्री सुरेश कुमार खन्ना की मौजूदगी में वार्ता शुरू हुई। पहले प्रबंधन वारिस मुआवजा के रूप में 244 कर्मचारियों को 6.1 करोड़ रुपये देने को तैयार थे। इसमें प्रत्येक कर्मचारी के हिस्से में करीब ढाई लाख रुपये आ रहे थे। इसे कर्मचारी मानने को तैयार नहीं हुए। इस मामले में वित्तमंत्री ने हस्तक्षेप किया तो फैक्टरी प्रबंधन ने 3.45 करोड़ रुपये और बढ़ा दिए। अब कुल वारिस मुआवजा 9.46 करोड़ हो गया। इतने मुआवजे में प्रत्येक कर्मचारी के हिस्से में करीब 3.88 लाख रुपये आएंगे। मजदूर यूनियन के नेता श्याम सिंह ने बताया कि फैक्टरी प्रबंधन के बीच शनिवार को वार्ता हो गई है लेकिन समझौते के पंजीकरण तक श्रमिक फैक्टरी परिसर में ही बने रहेंगे।