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बाढ़ से बचाव पर नियम विरुद्ध खर्च की होगी जांच

Fri, 11 Aug 2017 06:35 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,शाहजहांपुर
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बाढ़ - फोटो : amar ujala
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प्रदेेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा है कि जलालाबाद और कलान तहसील में रामगंगा की बाढ़ से तटवर्ती गांवों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग की ओर से ईं-टेंडरिंग और वर्क ऑर्डर जारी किए बगैर खर्च की धनराशि और संबंधित कामों की गुणवत्ता परखने के लिए शासन स्तर से जांच कराई जाएगी। बाढ़ का जायजा लेने के लिए जिले के आकस्मिक दौरे पर आए सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों की बैठक लेने के बाद पत्रकारों से कहा कि पिछली सपा सरकार से योगी सरकार बेहतर काम कर रही है, फिर भी कोई अनियमितता प्रकाश में आनेप र दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सिंचाई मंत्री ने कहा कि बाढ़ बचाव के लिए डीएम की मांग पर मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और शासन की सख्ती के कारण ई-टेंडरिंग के बगैर एक नया पैसा खर्च नहीं हो सकता। उन्होंने साथ मौजूद प्रमुख सचिव सिंचाई सुरेश चंद्रा की ओर संकेत करते हुए कहा कि यदि शासकीय धनराशि नियम विरुद्ध तरीके से खर्च होना पाया गया तो शासन स्तर पर जांच कर कार्यवाही होगी। उन्होंने कहा कि जिले में अभी बाढ़ को लेकर गंभीर स्थिति नहीं है और उससे कोई जनहानि नहीं होने दी जाएगी। यहां बता दें कि वार्ता में मंत्री को बताया गया था कि  जिले में बाढ़ से बचाव को शासन से दी गई एक करोड़ की धनराशि में केवल 40 लाख रुपये के कामों के ई-टेंडर किए गए और शेष 60 लाख रुपये ई-टेंडर और वर्क ऑर्डर किए गए और कीलापुर, पहरुआ आदि बाढ़ प्रभावित गांवों के बचाव पर खर्च कर दिए गए। इस पर सिंचाई मंत्री ने जांच कराने की बात कही।
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