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सोशल मीडिया के इस्तेमाल में बरतें सावधानी : सीओ

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रामपुर कलां के शहीद ऊधम सिंह इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला
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पुवायां। गांव रामपुर कलां के शहीद ऊधमसिंह इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में सीओ प्रवीण मलिक ने साइबर क्राइम से बचने, मुसीबत के समय सहायता के लिए यूपी-112 से मदद लेने, महिला हेल्पलाइन, साइबर क्राइम हेल्पलाइन आदि के बारे में जानकारी दी। सीओ ने कहा कि साइबर अपराधी खुद को पुलिस, जज, सीबीआई, ईडी अधिकारी बताकर डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करते हैं। उन्होंने छात्राओं से सोशल मीडिया साइटों पर अंजान लोगों से संपर्क रखने पर सतर्कता बरतने और सोशल मीडिया एकाउंट को सुरक्षित रखने के टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कोई सामग्री बहुत सोच-समझकर ही डालें। संवाद
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कई टिप्स दिए
- कॅरिअर के लिए लक्ष्य तय करें। लक्ष्य तय होने के बाद मंजिल आसान हो जाती है।
- विषय को समझें, समझ कर की गई पढ़ाई आगे के रास्ते आसान करती है।
- साइबर फ्राड से जागरूकता ही बचा सकती है, जागरूक रहें और परिवार के लोगों को भी जागरूक करें।
- यातायात के नियमों का खुद पालन करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
- अपनी निजी जानकारी, फोटो, पासवर्ड किसी के साथ शेयर न करें, इसका दुरुपयोग हो सकता है।

सवाल-जवाब
प्रश्न : अगर ऐसी जगह फंस जाएं, जहां मोबाइल आदि न हो तो मदद कैसे मांगे। -अनामिका गुप्ता, कक्षा-10
जवाब : संभव हो तो किसी कपड़े आदि को जलाकर अपनी लोकेशन बताने का प्रयास करें, शोर मचाकर, कपड़ा हिलाकर भी लोकेशन देने से आसपास मौजूद मददगार टीमें सहायता को पहुंचेंगी।
प्रश्न : पुलिस की छवि लोगों की नजर में ठीक नहीं है। -सोनम, कक्षा-9
जवाब : सोशल मीडिया के दौर में नकारात्मक बातें जल्दी फैलती हैं। सुनी-सुनाई बातों पर विश्वास न करें। पुलिस मददगार और मित्र है।
सवाल : अगर मैं पुलिस को कॉल करूं, तो क्या वह मदद के लिए पहुंचेगी। -जीविका, कक्षा-10
जवाब : हां, हर हाल में मदद मिलेगी। यूपी-112 टीमें क्षेत्र में मौजूद रहती हैं और कॉल पर जल्द पहुंचने का प्रयास करती हैं। झूठी सूचना न देंं, ऐसा करने पर कार्रवाई हो सकती है।
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