डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। लगातार बारिश से जलभराव और मच्छर पनपने से मलेरिया और डेंगू फैलने की आशंका के चलते सीएचसी पर आने वाले प्रत्येक रोगी की मलेरिया की जांच के निर्देश गए हैं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में मलेरिया वार्ड भी सक्रिय कर दिया गया है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में एक हजार से ज्यादा रोजाना ही नए पर्चे बनते हैं। पुराने पर्चाें पर भी लोग दवा लेते हैं। इनमें 50 फीसदी बुखार, जुकाम, खांसी से पीड़ित हैं। मलेरिया के लक्षण लगने पर उनकी जांच कराई जाती है। निजी लैब से पॉजीटिव की जांच रिपोर्ट लेकर आने वालों का एलाइजा टेस्ट कराने के साथ संदिग्ध मानकर उनका उपचार शुरू किया जाता है।
जिला मलेरिया अधिकारी राजीव मौर्या ने बताया कि उनके पास 63 हजार मलेरिया किट उपलब्ध हैं। सीएचसी-पीएचसी पर भी किटें उपलब्ध हैं। एसीएमओ डॉ.पीपी श्रीवास्तव ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है। मरीजों की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
ये बरतें सावधानी
-आसपास जलभराव नहीं होने दें।
-मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
-पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
-जलभराव की स्थिति होने पर जला मोबिल डाल दें।
बारिश होने से जलभराव की स्थिति पर मच्छरों के चलते मलेरिया और डेंगू का खतरा हो सकता है। अस्पताल में मलेरिया और डेंगू के लिए दस-दस बेड का वाॅर्ड बनाया है। जांच के लिए भी पर्याप्त इंतजाम हैं।
- डॉ.राजेश कुमार, प्राचार्य-राजकीय मेडिकल कॉलेज