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प्रत्येक जीव को परमात्मा भाव से देखना चाहिए : कथाव्यास

Sun, 10 Mar 2024 02:57 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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पुवायां। पन्नघाट और नाहिल में चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में नवधा भक्ति और सत्संग की महिमा का बखान किया गया। पन्नाघाट पर व्यास अजय शुक्ला ने नवधा भक्ति की कथा सुनाते हुए कहा कि प्रत्येक जीव को परमात्म भाव से देखना चाहिए।
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उन्होंने रामचरित मानस में प्रभु श्रीराम और शबरी के संवाद के माध्यम से भक्तियोग का जिक्र किया। संत सत्संग, रति, गुरु की सेवा, भगवद् संकीर्तन, मंत्र जप, इंद्रिय निग्रह, यथा लाभ संतोष और सरलता को नवधा भक्ति बताया। शिव शक्ति पीठ आश्रम पुवायां के दंडी स्वामी ने हनुमान महिमा सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
वहीं गांव नाहिल में बाबा तुरंतनाथ स्थान पर चल रहे श्री रुद्र महायज्ञ में आचार्य शिवलाल शुक्ला ने सत्संग की महिमा का बखान किया। कहा कि, बिनु सत्संग न हरि कथा तेहि बिनु मोह न भागा। मोह गए बिनु राम पद होइ न दृढ अनुरागा, अर्थात सत्संग के बिना हमें हरि कथा सुनने को नहीं मिलती और उसके बिना मोह भी नहीं जाता। मोह के गए बिना मर्यादा पुरुषोत्तम राम के चरणों से प्रेम नहीं होता। शास्त्री जी ने कहा कि बिना सत्संग विवेक नहीं होता है। मोक्ष प्राप्ति का सबसे सहज साधन सत्संग है। तपस्या और त्याग से भी भगवान इतने प्रसन्न नहीं होते जितना सत्संग से होते हैं। प्रगाढ़ प्रेम के साथ किया जाने वाला सत्संग ईश्वर को प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय है।
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