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‘पढ़े-लिखे हर घर का बच्चा, पाठ पढ़ाने आए हैं’

Sun, 22 Mar 2015 12:43 AM IST
शाहजहांपुर
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जीआईसी से शनिवार को स्कूल चलो अभियान के तहत रैली निकाली गई। खिरनीबाग चौराहा, अंटा चौराहा, अंजान चौकी, घंटाघर, पचराहा, सदर बाजार, पंखी चौराहा होते हुए रैली शहीद उद्यान में समाप्त हुई। इसमें 28 फीट लंबी पेंसिल आकर्षण का केंद्र रही। बच्चे बैंड बजाते और जागरूक करने के लिए नारे लगाते, हाथों में तख्तियां एवं पट्टियां लिए चल रहे थे।
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छात्र-छात्राओं ने ‘आओ शिक्षा दीप जलाएं, अज्ञानता को जड़ से मिटाएं’, ‘हमारे विद्यालय आओ, खेल-खेल में शिक्षा पाएं’ और ‘गांव-गांव और शहर-शहर में अलख जगाने आए हैं, पढ़े लिखे हर घर का बच्चा, पाठ पढ़ाने आए हैं’ आदि नारे लगाए। रैली का उद्देश्य छह से लेकर 14 वर्ष तक के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन कराना था। रैली का शुभारंभ पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मन्त्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने हरी झंडी दिखाकर और एडीएम (प्रशासन) एमएन उपाध्याय ने गुब्बारे उड़ाकर किया। राज्यमंत्री समेत सभी अधिकारी रैली में बच्चों के साथ चले।  
राज्यमंत्री ने कहा कि सभी को साक्षर बनाया जाए। इसके लिए एक अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षिक सत्र में शत-प्रतिशत नामांकन कराएं। कहा कि सभी का दायित्व है कि प्रत्येक बच्चे को विद्यालय में प्रवेश दिलाकर प्रारंभिक शिक्षा दिलाएं। इससे न सिर्फ बच्चों का बौद्धिक विकास होगा, बल्कि बेहतर समाज का निर्माण भी होगा। प्राथमिक शिक्षा की सुव्यवस्था सरकार की प्राथमिकता है।
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रैली में बीएसए राजेश वर्मा, सीएमओ डॉ. उमेश सिंह यादव, खंड शिक्षा अधिकारी मुन्नालालत्रिवेदी, राजेश चतुर्वेदी, सहायक वित्त लेखाधिकारी पीपी सिंह, जिला समन्वयक वीपी सिंह, सुशील बाबू मिश्रा, जिला स्काउट मास्टर निकहत परवीन, जिला गाइड कैप्टन दपिंदर कौर, शिक्षक नेता संजय सिंह, देवेश वाजपेयी, संदीप मिश्रा, राधारमण त्रिपाठी, विश्राम सिंह, रामकिशोर शर्मा, राजकुमार तिवारी, नफीस खां, सैयद मंजूर अली, शिक्षामित्र नेता रत्नाकर दीक्षित, सुबोध वर्मा आदि मौजूद रहे।

इन स्कूलों के बच्चे रहे शामिल
रैली में प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय बहादुरगंज, कटिया टोला, रोटी गोदाम, दिलाजाक, किला, महमंद जंगला, तिलहर जई, बाड़ूजई, बाबूजई, सरायकाइंया, बाला तिराही, ककरा कलां, भारद्वाजी, अजीजगंज, छावनी परिषद के छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इसके साथ ही कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नगर, देवी प्रसाद बालिका जूनियर हाईस्कूल, आर्य महिला इंटर कालेज, मोहनी मांटेसरी, मदरसा निजामियां, फैज-ए-आम, रहमानियां, एसएस गर्ल्स हाईस्कूल, लीड कान्वेंट आदि विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल हुईं।

भूखे-प्यासे पहुंचे व्रत रखने वाले गुरुजन  
नवरात्र के प्रथम दिन रैली का आयोजन किए जाने की वजह से व्रत रखने वाले गुरुजनों को भूखा-प्यासा रहने को मजबूर होना पड़ा। रैली में शामिल तमाम शिक्षक इस बात को लेकर आपस में चर्चा करते रहे। हालांकि किसी ने बीएसए से इस बात को लेकर आपत्ति करने की हिम्मत नहीं जुटाई। रैली से जाने के बाद शिक्षकों ने घरों में जाकर कलश स्थापना कर पूजन किया।

बीएसए को नहीं मालूम कायदे-कानून
बीएसए को यही नहीं मालूम कि जनप्रतिनिधियों को कैसे बुलाया जाता है। स्कूल चलो अभियान के लिए उन्होंने एक पत्र जरूर भिजवाया, लेकिन न तो उन्होंने एकबार भी फोन किया और न ही रैली के लिए समय मांगा। सूचना देने और बुलाने में अंतर होता है। बीएसए ने बुलाने के लिए बात ही नहीं की। अगर वह कायदे से बुलाते तो मैं जरूर जाता, लेकिन बीएसए को कायदे-कानून ही नहीं मालूम, तो कैसे जाते।
- सुरेश खन्ना, भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं विधायक

जानबूझ कर नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे बीएसए
बीएसए ने रैली के बावत मात्र एक पत्र भेजा था, बाद में उन्होंने कोई फोन नहीं किया और न ही उन्होंने समय लेकर बुलाने की कोशिश की। वह यह भी भूल गए कि जिला पंचायत अध्यक्ष जिला शिक्षा समिति का अध्यक्ष भी होता है। हर बार रैली को झंडी दिखाने मैं जाती हूं, लेकिन इस बार बीएसए ने बुलाया ही नहीं। वह जानबूझ कर जनप्रतिनिधियों को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं।
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- नीतू सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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