इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के तत्वावधान में विश्व स्वास्थ्य दिवस पर संगोष्ठी हुई, जिसमें मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव ने कुपोषण पर चिंता जताते हुए चिकित्सकों से आह्वान किया कि वह कम से कम एक-एक बच्चा गोद लेकर मानवता की सीख भी दे सकते हैं।
आईएमए भवन में हुई संगोष्ठी में सीएमओ डॉ. यादव ने कहा कि सरकारी और प्राइवेट चिकित्सक अलग-अलग नहीं, अपितु एक ही हैं और सभी का कर्तव्य समाज को रोगमुक्त रखना है। आपस में सहयोग कर हम समाज की भली प्रकार सेवा कर सकते हैं। संस्थाध्यक्ष डॉ. अनिल सूद ने संगोष्ठी के विषय ‘फूड सेफ्टी’ पर विचार रखे। कहा: यदि हर आम और खास सिर्फ तीन बातों का ध्यान रखे तो वह कई बीमारियाें से दूर रह सकता है।
डॉ. सूद ने बताया कि खाना खाने से पहले भली प्रकार हाथ साफ कर लेना चाहिए, पका हुआ भोजन दो से तीन घंटे में निस्तारित कर लेना स्वास्थ्यवर्धन होता है और तीसरी बात यह कि कच्ची सब्जियां हमेशा छिलका उतार कर ही सेवन की जाएं। इन तीन बाताें को ध्यान में रखकर हम काफी कुछ इलाज से भी बच सकते हैं। सचिव डॉ. विजय पाठक के संचालन में हुई संगोष्ठी में समाजसेवी रमेश भइया, प्राचार्य डॉ. रानी त्रिपाठी, प्रधानाचार्य डॉ. केके शुक्ला, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अनिल गुप्ता, डॉ. वीके दधीचि, डॉ. यूडी कपूर, डॉ. नीना सिंह, एसीएमओ डॉ. डीके सोनकर, पूर्व अध्यक्ष डॉ. योगेश कौल, डॉ. आरसी अस्थाना आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
संगोष्ठी में डॉ. परिविंदर सिंह, डॉ. सत्य प्रकाश मिश्र, डॉ. एमपी सिंह, डॉ. संजय पाठक, डॉ. पीयूष श्रीवास्तव, डॉ. राकेश दीक्षित, डॉ. विमल रस्तोगी, डॉ. संजीव कनौजिया, डॉ. एमए खान, डॉ. राकेश मेहरोत्रा, डॉ. एके निगम, डॉ. विवेक गुप्ता, डॉ. हिकमत उल्ला, डॉ. रमाकांत, डॉ. अनूप अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में चिकित्सक तथा अन्य गणमान्य मौजूद रहे।