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उप नियंत्रकों ने मूल्यांकन कराने से खड़े किए हाथ

Wed, 15 Apr 2015 07:56 PM IST
शाहजहांपुर
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आखिरकार डीआईओएस यूपी बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन को मझधार में छोड़कर छुट्टी पर चले ही गए। बहिष्कार के चलते पहले ही दिन शिक्षक बने परीक्षकों और उनके कॉलेजों के खिलाफ कार्रवाई का दंभ भरने वाले डीआईओएस 17 दिन बाद भी नेतागीरी के दबाव में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सके। नतीजा यह है कि मूल्यांकन की समय सीमा खत्म होने में मात्र दो दिन ही बचे हैं, लेकिन इंटर का करीब 38 फीसदी और हाई स्कूल का 30 फीसदी मूल्यांकन अभी भी शेष है। खासतौर पर संस्कृत की कापियां उपनियंत्रकों के लिए सिर दर्द बनी हुई हैं। तीनों केंद्रों के उप नियंत्रकों ने बोर्ड सचिव और क्षेत्रीय सचिव को फैक्स भेजकर स्थिति से अवगत करा दिया है। डीआईओएस के अवकाश पर चले जाने से उप नियंत्रकों के सामने समस्य यह खड़ी हो रही है कि वह अपनी समस्याएं किसे बताएं।
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राजकीय इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक रणवीर सिंह ने बताया कि उनके यहां इंटर सामान्य हिंदी, समाजशास्त्र, नागरिक शास्त्र, शिक्षा शास्त्र जैसे विषयों का मूल्यांकन होना मुश्किल है। इस बावत सचिव और क्षेत्रीय सचिव को उन्हाेंने अवगत करा दिया है। उप नियंत्रक ने बताया कि जिस स्थिति में मूल्यांकन चल रहा है उसे देखते हुए अभी कम से कम दस दिन और लगने की संभावना है। उन्होंने दोनाें सचिव को पत्र भेजकर शेष उत्तर पुस्तिकाएं वापस मंगाने का आग्रह किया है। उप नियंत्रक सिंह ने बताया कि उनके यहां अभी भी लगभग पांच सौ परीक्षकों की कमी है। जितने परीक्षक मूल्यांकन कर रहे हैं, उतने ही परीक्षक  हर साल काम करते हैं, लेकिन इस बार करीब दो लाख कापियां बढ़ गई हैं, लेकिन परीक्षक नहीं बढ़े।
हाई स्कूल के मूल्यांकन केंद्र इस्लामिया इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक आरिफ अली खां ने बताया कि उनके यहां सामाजिक विज्ञान और एबी रिच इंटर कॉलेज के उप नियंत्रक आरपी राम ने बताया कि उनके यहां संस्कृत का मूल्यांकन सिर दर्द बना हुआ है। इन विषयों के पर्याप्त परीक्षक ढूंढे नहीं मिल रहे हैं, लिहाजा इन विषयों की कापियां वापसी के लिए सचिव को लिखा जा चुका है। इस्लामिया में 74 फीसदी और एबी रिच कॉलेज में 69 प्रतिशत मूल्यांकन ही अद्यतन हो सका है।
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सिंह को मिला डीआईओएस का प्रभार
मूल्यांकन केंद्र पर परीक्षकों के लिए जुझते जीआईसी के प्रधानाचार्य के ऊपर डीआईओएस का भी कार्यभार आ गया है। डीआईओएस अपना प्रभार जीआईसी प्रधानाचार्य रणवीर सिंह को सौंपकर छुट्टी पर चले गए। अब उन्हें मूल्यांकन के साथ डीआईओएस कार्यालय का भी काम देखना पड़ रहा है।

...तो मान्यता खत्म करने की होगी कार्रवाई
प्रभारी डीआईओएस रणवीर सिंह ने वित्तविहीन मान्यता प्राप्त कॉलेजों के प्रधानाचार्यों से आग्रह किया है कि उनके कॉलेज के जिन शिक्षकों ने अभी तक मूल्यांकन कार्य आरंभ नहीं किया है, उन्हें तत्काल कार्यमुक्त करते हुए मूल्यांकन के लिए कड़े दिशा निर्देश दें। प्रभारी डीआईओएस ने कहा है कि यदि परीक्षकों को तत्काल कार्यमुक्त नहीं किया गया तो उनके विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई प्रारंभ कर दी जाएगी।
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