रोजा। रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर दुकानें और रेस्टोरेंट चलाने वालों को हटने के लिए नोटिस जारी किया गया था। शनिवार को रेलवे के अधिकारियों को अतिक्रमण हटवाना था, लेकिन पुलिस न मिलने के चलते अधिकारी वहां जाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। वहीं, व्यापारी भी कार्रवाई के विरोध में अपनी दुकानें बंद कर कलक्ट्रेट पहुंच गए और होली तक समय देने की मांग की। इसके चलते रेलवे की जमीन से एक बार फिर कब्जा नहीं हट सका।
मंडी समिति के सामने रेलवे की जमीन पर तमाम लोगों ने दुकानें बनाकर व्यापार शुरू कर दिया है। इसको हटाने के लिए रेलवे की ओर से कुछ दिन पहले नोटिस जारी किए गए थे और 15 फरवरी को अतिक्रमण हटाया जाना था। कब्जा हटाने की कार्रवाई के लिए रेलवे ने स्थानीय पुलिस से फोर्स मांगा था लेकिन फोर्स नहीं मिल सकी। वहीं, व्यापारी भी कार्रवाई के विरोध में आ गए और दुकानें बंद कर कलक्ट्रेट पहुंच गए। उन लोगों ने होली तक का समय देने की मांग की लेकिन एसडीएम के न मिलने पर सब लौट आए। दूसरी ओर दुकानें बंद होने और स्थानीय पुलिस न मिलने से रेलवे की टीम अतिक्रमण हटवाने की हिम्मत नहीं जुटा सकी और कार्रवाई के लिए नहीं पहुंची।
मंत्री के कहने पर मिल चुकी है मोहलत
रेलवे की जमीन पर व्यापारियों ने लंबे समय से अवैध कब्जा कर रखा है। रेलवे कब्जा हटाने का पहले भी प्रयास कर चुकी है लेकिन तब जिले के एक मंत्री ने उन्हें महीने भर की मोहलत दिला दी थी। इसी राजनीतिक सपोर्ट मिलने के चलते अब तक कब्जा नहीं हटाया जा सका है। अब दोबारा अतिक्रमण हटवाने का नंबर आया तो व्यापारी फिर से राजनीतिक दबाव बनवाने में जुट गए हैं।
पुलिस फोर्स न मिलने के कारण अभियान नहीं चलाया जा सका। अब दोबारा फोर्स मांगकर वहां के अवैध कब्जे हटवाए जाएंगे।
- रॉकी तोअर, मंडल अभियंता रोजा।