शाहजहांपुर। विकास खंड पुवायां की ग्राम पंचायत बिलसढ़ी बुजुर्ग के पांच परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र मानते हुए पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया था। अब उन्हें प्रशासनिक जांच में पात्र पाया गया है। अब इस मामले में सीडीओ से पांचों पात्र परिवारों को आवास दिलाने के लिए पंचायत सचिव और अवर अभियंता के वेतन से रिकवरी कराने की संस्तुति की गई है।
गांव बिलसढ़ी खुर्द के तमाम पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिए जा चुके हैं। गांव के तत्कालीन पंचायत सचिव और अवर अभियंता ने अंजू पुत्री भूपराम, मीरा देवी पुत्री भूपराम, सोमवती पत्नी रामप्रताप, विनीता पत्नी पप्पू और नरेंद्र पुत्र बिहारी को अपात्र मान कर उनके नाम पात्रता सूची से खारिज कर दिए थे। इन सभी परिवारों के लोगों ने सीडीओ कार्यालय में जून में प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी कि उनके नाम जानबूझकर हटा दिए गए हैं।
सीडीओ श्याम बहादुर सिंह ने डीआरडीए के परियोजना निदेशक अवधेश राम और जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीश चंद्र पाठक को जांच कमेटी में शामिल कर मामले की जांच के निर्देश दिए थे। दोनों अधिकारियों ने ग्राम पंचायत के 27 आवासो की जांच की और उनमें इन पांचों परिवारों को पात्र पाया। चूंकि आवास सूची से नाम हटाए जा चुके हैं, इसलिए उनके आवास बनवाने के लिए तत्कालीन पंचायत सचिव और पुवायां ब्लॉक के अवर अभियंता के वेतन से छह लाख रुपये की रिकवरी कराने की संस्तुति दोनों अधिकारियों ने की है।