हाथियों ने धान की फसल को रौंदा
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रात में दी वनकर्मियों को सूचना, नहीं पहुंचा कोई
किसानों का कहना है कि उन्होंने रेंजर को हाथी होने की सूचना रात में ही दी थी, लेकिन कोई वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। बुधवार शाम तक भी वनकर्मियों ने मौके पर जाकर जांच करने की जरूरत नहीं समझी है। किसानों ने खराब हुई फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसान हरदीप सिंह, रघुवीर सिंह ने बताया कि नेपाली हाथी मंगलवार की रात दस बजे खेतों में आ गए थे। रेंजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि वह बाहर हैं। मामले की जानकारी कराई जाएगी।
टस्कर हाथी के फत्तेपुर बीट की ओर पहुंचने की आशंका
नेपाली हाथियों के झुंड की अगुआई तीन टस्कर हाथी कर रहे हैं। यह झुंड से आगे चलकर रहने, खाने आदि की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद झुंड को संकेत करते हैं, तब झुंड आगे बढ़ता है। नेपाली हाथी खुटार रेंज की फत्तेपुर बीट होते हुए लखीमपुर की महेशपुर बीट तक जाते हैं और महेशपुर बीट से फत्तेपुर बीट तक दिसंबर तक रहते हैं।
आशंका है कि टस्कर फत्तेपुर बीट की ओर निकल आए हैं। हालांकि अभी किसी ने फत्तेपुर बीट में हाथियों को नहीं देखा है। बता दें कि नेपाली हाथी हर वर्ष खुटार रेंज के जंगलों में रहकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, लेकिन किसी भी वर्ष किसानों को मुआवजा नहीं दिया जाता है।
वन विभाग के एसडीओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि नेपाली हाथियों द्वारा खुटार वन क्षेत्र में दस्तक दी गई है तो अलग-अलग टीमें गठित कर कांबिंग कराई जाएगी। नेपाली हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा जाएगा।