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भीषण गर्मीं ने बढ़ाई 60 फीसदी बिजली खपत, लाइनें हो रहीं ओवरलोड

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शाहजहांपुर। भीषण गर्मी में पंखे, कूलर, एसी आदि उपकरण चलने से बिजली की खपत 60 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। इसीलिए कभी लाइनें तो कभी ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने से खराब हो रहे हैं। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में तो बमुश्किल छह-सात घंटे बिजली मिल रही है।
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शहर में करीब एक लाख उपभोक्ताओं को 33 केवीए क्षमता के नौ बिजली उपकेंद्रों से जोड़ा गया है तो 80 किमी हाईटेंशन और 170 किमी लो-टेंशन लाइनों का जाल बिछा है। इन लाइनों से विभिन्न श्रेणियों के 500 से ज्यादा ट्रांसफार्मर जुड़े हैं। तमाम लाइनें बदली जा चुकी हैं। इसी तरह 40 से अधिक ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई है, लेकिन गर्मी का सीजन चालू होते ही पावर नेटवर्क के नवीनीकरण की पोल खुलने लगी है। रात में बिजली की खपत बढ़ने के साथ अतिरिक्त बिजली भार से एचटी लाइनों के तार और ट्रांसफार्मर गर्म होकर जल रहे हैं। इससे प्रभावित क्षेत्र के लोगों को भीषण गर्मी में बिजली के बगैर रहना रह पाना कठिन हो रहा है।
जून में फूंक डाली 24 मिलियन यूनिट बिजली
बिजली वितरण खंड द्वितीय (शहरी डिवीजन) में बिजली की न्यूनतम मासिक खपत 14 से 15 मिलियन यूनिट तक होती है। फरवरी, मार्च की गुलाबी सर्दी के दिनों में बिजली की मांग बहुत कम रहती है। उस वक्त बिजली नेटवर्क में ज्यादा खराबी भी नहीं होतीं। बाद में जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जाती है, बिजली की मांग बढ़ने के साथ पावर नेटवर्क में दिक्कत भी बढ़ने लगती हैं। अभियंताओं के अनुसार सिर्फ जून माह में शहरी उपभोक्ताओं ने 24 मिलियन यूनिट बिजली जला डाली, जबकि बीते अप्रैल व मई माह में बिजली की खपत 17 से 20 मिलियन यूनिट तक सीमित रही।
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टाउनहाल फीडर की 11 केवीए लाइन के तार टूटे
ककरा कलां बिजली उपकेंद्र की 11 केवीए लाइन के पोल से ट्रैक्टर-ट्रॉली टकराने पर लोहारों का चौराहा के पास क्षतिग्रस्त हुए ट्रांसफार्मर को ठीक कर लाइन चालू करने के बाद भी ओवरलोडिंग से दिन भर ट्रिपिंग की समस्या बनी रही। आनंदपुरम फीडर से जुड़े इलाकों की बार-बार बत्ती गुल होने से लोगों को दिक्कत हुई। यही नहीं, शाम करीब पांच बजे गोविंदगंज उपकेंद्र से निकली टाउनहाल फीडर की 11 केवीए लाइन के तार ओवरलोडिंग से गर्म होकर टूट गए। प्रभारी अवर अभियंता जयंत कुमार ने भी माना कि गर्मी ज्यादा होने से बिजली की ओवरलोडिंग के कारण तार टूटे। हालांकि, यह खराबी एक घंटे में ठीक कर ली गई, लेकिन इस दौरान कई इलाकों के लोगों को बिजली के बगैर दिक्कत हुई।
रोजा में शाम से आधी रात तक गुल रही बत्ती
रोजा बिजली उपकेंद्र के प्रभारी अवर अभियंता गुलशन कुमार ने बीते दिन आदर्शनगर फीडर को लाइन की खराबी से बचाने के लिए वहां बृहस्पतिवार को दिन में चार घंटे शट डाउन लेकर बंच केेबल की लाइन डलवाई थी। रात करीब आठ बजे नई लाइन पर करंट दौड़ते ही तेज धमाके के साथ बंच केबल जल उठा। इस पर फीडर को बंद कर लाइन की जांच की गई, लेकिन उस दौरान बिजली की खपत इतनी ज्यादा हो रही थी कि लाइन ओवरलोड होकर बार-बार ट्रिप करती रही। रात करीब 12 बजे के बाद आदर्शनगर और रोजा रेलवे फीडर की बिजली आपूर्ति शुरू हुई, लेकिन इसके बाद भी बिजली की आंखमिचौनी जारी रही।
दिन में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर प्रतिष्ठान पर बैठना कठिन हो जाता है। बत्ती गुल होने पर ग्राहक भी ज्यादा देर तक ठहरना पसंद नहीं करते। -अनुज अग्रवाल
हर साल गर्मी के सीजन में बिजली आपूर्ति में दिक्कत पैदा होती हैं। इसे ध्यान में रखते हुए अभियंता लाइनों को पहले से ठीक करा लें तो ये हालात नहीं बनेंगे। -मोहित जुनेजा
बिजली वाले जितना काम करते हैं, उसका प्रचार उससे कहीं ज्यादा करते हैं। गर्मियों में ओवरलोडिंग से निजात दिलाने को ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। -जुझार सिंह मोंगा
विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से बिजली की चोरी करने वालों की धरपकड़ होनी जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर ओवरलोडिंग से बिजली संकट बना रहेगा। -रोहित अग्रवाल
बिजली की खपत बढ़ने से लाइनों के अलावा ट्रांसफार्मर और उपकेंद्र भी ओवरलोडेड हो रहे हैं। हाईटेंशन के बजाय लोटेंशन वाली लाइनों को ज्यादा बिजली भार सहन करना पड़ रहा है। इन लाइनों को चिह्नित कर जल्द बदला जाएगा। रात में ज्यादातर एसी चालू रहने के साथ तमाम लोग कटिया से बिजली चोरी करते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से रात में कनेक्शन चेकिंग अभियान शुरू किया जाएगा। - प्रशांत गुप्ता, अधिशासी अभियंता (शहर), पावर कारपोरेशन
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