भावलखेड़ा/रोजा। गांव रौसरकोठी में हाईटेंशन लाइन के करंट की चपेट में आकर युवक की मौत के बाद 30 घंटे से छह गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। कर्मचारी लाइन को शिफ्ट करने पहुंचे तो अन्य ग्रामीणों ने उनके खेत और प्लॉट के ऊपर से भी लाइन को निकालने का विरोध किया। इस वजह से काम ही रुका हुआ है। रविवार को देर शाम तक कोई हल नहीं निकल पाया था।
रोजा चीनी मिल के मजदूर सुभाष गौतम (35 वर्ष) शनिवार को दोपहर में खाना खाने के लिए घर आए थे। घर के भीतर लगे नल में कुछ खराबी आ गई तो वे नल की सरिया निकाल रहे थे। इस बीच घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन में सरिया छू गई और करंट लगने से सुभाष की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने हाईटेंशन लाइन न हटाने पर शव का पोस्टमॉर्टम कराने से इन्कार कर दिया था। देर रात तहसीलदार सदर आशीष सक्सेना, एसडीओ एचएल गुप्ता मौके पर आए। उनसे वार्ता के बाद रात करीब दस बजे लाइन हटवाने के लिए सहमति बन गई।
सुबह बिजली निगम के कर्मचारी लाइन को सुभाष के मकान के पीछे से जोड़ने के लिए पहुंचे तो वहां के वाशिंदों ने विरोध कर दिया। उनका कहना था कि अब लाइन को हमारे खेत और प्लॉट के ऊपर से गुजारा जाएगा। इससे आगे उन्हें दिक्क्त होगी। लोगाें के भारी विरोध के बाद टीम को लौटना पड़ गया। इससे रौसरकोठी, चौढ़ेरा, दनियापुर, परमाली और रौसर आदि गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित है। इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मामले में कोई तहरीर नहीं दी गई है।
-हाईटेंशन लाइन को हटवाया जा रहा है। इस संबंध में रूट निर्धारित कर दिया गया है, तब तक विद्युत आपूर्ति आसपास के क्षेत्र के बंद कर दी गई है।
एचएल गुप्ता, एसडीओ