फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टैंकर की टक्कर से हाईटेंशन लाइन पोल टूटा, 16 घंटे गायब रही रोजा की बिजली

विज्ञापन
विज्ञापन
शाहजहांपुर। बुधवार रात लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे पर गुजर रहा एक टैंकर रोजा रेलवे ओवरब्रिज के पास बिजली के पोल से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज हुई कि पोल टूटने के साथ तारों पर खिंचाव पड़ने से 11 केवी हाईटेंशन लाइन भी टूट गई। गनीमत रही कि राहगीर करंट की चपेट मेें आने से बाल-बाल बच गए। इस फॉल्ट के चलते रोजा की कॉलोनियों समेत पड़ोस के गांव जमुही के सैकड़ों घरों की बत्ती बुधवार पूरी रात से लेकर बृहस्पतिवार को दोपहर तक करीब 16 घंटे गुल रही। जिसके कारण भीषण गर्मी और उमस से लोग बिलबिला उठे।
विज्ञापन

बुधवार रात करीब 8.45 बजे शाहजहांपुर की ओर से एक टैंकर लखनऊ दिशा में जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी दुकानदारों के अनुसार रेलवे ओवरब्रिज से ठीक पहले रोजा अड्डा के पास अचानक टैंकर का एक्सल टूट गया। इससे स्टियरिंग फेल हो गया और चालक टैंकर पर नियंत्रण खो बैठा। नतीजे में तेज रफ्तार टैंकर सड़क के दाई ओर फुटपाथ पर उतरकर 11 केवी लाइन के पोल से जा टकराया। टक्कर लगते ही पोल टूटकर एक ओर झुका तो लाइन के तार भी टकराकर शॉर्ट सर्किट के कारण चिंगारियां छोड़ते हुए जमीन पर आ गिरे। बिजली लाइन धराशायी होने के साथ इलाके की बत्ती गुल हो गई।
इस बीच, उधर से जो राहगीर गुजरे उन्हें दुकानदारों ने करंट से सावधान करने के साथ बिजली उपकेंद्र पर इत्तला दी तो लाइन बंद करके वहां के तकनीकी कर्मचारी मौके पर आ गए। उन्होंने टैंकर अपनी निगरानी में लेकर उसकी पड़ताल की तो उसे खाली पाया। इससे आसपास के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली क्योंकि टैंकर में तेल भरा होता तो बिजली के तार टूटने से उसमें आग लगने की दशा में भयंकर हादसा हो सकता था। बिजली कर्मचारी टैंकर चालक को अपने साथ उपकेंद्र ले गए। वहां प्रभारी अवर अभियंता गुलशन कुमार ने उससे पूछताछ की, लेकिन रात में लाइन ठीक करने मौके पर कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा।
विज्ञापन

इस कारण प्रभावित क्षेत्र के लोग पूरी रात बिजली के बगैर उमस भरी गर्मी में बिलबिलाते रहे। तमाम घरों में पानी की किल्लत पैदा हो गई क्योंकि सुबह सबमर्सिबल और जेट पंप भी नहीं चल सके। चर्च कॉलोनी में कुछ लोगों ने अपने जेनरेटर से सबमर्सिबल चलाकर टंकियों में पानी भर लिया, लेकिन अन्य तमाम लोगों को इंडिया मार्क हैंडपंपों पर निर्भर करना पड़ा। इससे कामकाजी लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। बृहस्पतिवार को सुबह दिन निकलने के बाद सीढ़ी लेकर लाइन स्टाफ के कर्मचारी और मजदूर रोजा अड्डा पर पहुंचे। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद कर्मचारियों ने तिरछा पोल ठीक करकेे दोपहर 1.20 बजे बिजली सप्लाई चालू की।
रेलकर्मियों के ठप हुए वाकी-टॉकी
पोल टूटने से उपजे बिजली संकट के कारण जमुही गांव के दो सौ घरों समेत रोजा की चर्च कॉलोनी, अस्पताल कॉलोनी, प्रेमनगर कॉलोनी और कोयला कॉलोनी के तमाम घरों मेें आधी रात के बाद से इनवर्टर और मोबाइल फोन बंद होने लगे। बता दें कि रोजा की विभिन्न कॉलोनियों में 1100 रेलवे आवास हैं। इन आवासों में रहने वाले चालक, गार्ड संवर्ग के अधिकांश कर्मचारियों के वाकी-टॉकी बैटरी चार्ज नहीं होने से सुबह ठप हो गए। कई रेलकर्मियों ने रोजा जंक्शन के रनिंग रूम मेें जाकर अपने वाकी-टॉकी चार्ज किए और बाद में ड्यूटी पर रवाना हुए।
टक्कर लगने के बाद टैंकर चालक भागने के बजाय मौके पर बना रहा। टैंकर के मालिक से संपर्क करके क्षतिग्रस्त पोल और लाइन की मरम्मत में व्यय हुई धनराशि का एस्टीमेट के आधार पर भुगतान ले लिया गया है। इसीलिए टैंकर चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई।
विज्ञापन

- गुलशन कुमार, प्रभारी अवर अभियंता, रोजा बिजली उपकेंद्र
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें