शाहजहांपुर। स्मार्ट सिटी की बिजली व्यवस्था काे संभालने वाले खंभे नीचे से गलने लगे हैं। प्रमुख मार्गों और मोहल्लों की गलियों में खस्ताहाल खंभे तारों और वेल्डिंग के भरोसे टिके हैं। बरसात और तेज हवा में खंभों के गिरने से हादसे की स्थिति बनी रहती है। क्षेत्र के लोगों के विद्युत निगम से पत्राचार करने के बाद भी खंभों को नहीं बदला गया है।
जिले में रिवैंप योजना के नाम पर 164 करोड़ रुपया खर्च किया गया। अफसरों का दावा है कि रिवैंप योजना का 90 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। योजना के तहत शहर के अंदर 1860 बिजली के खंभे लगाए गए हैं। उसके बावजूद खंभों की स्थिति काफी खराब है। शहर में अनगिनत खंभे बदहाल स्थिति में हैं। तेज हवा चलने पर गिरने से हादसा होने का डर बना रहता है। अफसरों ने खंभों के गलने पर रॉड लगाकर वेल्डिंग करा दी, फिर भी यह गिरताऊ स्थिति में हैं।
नीचे से आधा गला खंभा
शहर के मोहल्ला एमनजई जलालनगर में एक मीनार वाली मस्जिद के सामने लगा खंभा नीचे से आधा गल चुका है। खंभे पर बंच लाइन जुड़ी है। तेज हवा चलने पर गिरने से इन्कार नहीं किया जा सकता। यहां के लोग कई बार शिकायत कर चुके हैं, पर समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
खंभा गिरा तो मकान होगा क्षतिग्रस्त
निगोही रोड उपकेंद्र के निसरजई फीडर पर मुरसली वाली मस्जिद के पास ट्रांसफॉर्मर के पास लगा खंभा नीचे से गलने पर वेल्डिंग कर रोका गया था। गलने के चलते यह तिरछा हो गया है। खंभे के गिरने से मकान क्षतिग्रस्त होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। प्रमुख मार्ग होने के चलते बड़ा हादसा होने की आशंका है।
प्रमुख मार्ग पर तिरछा हुआ खंभा
टाउन हॉल में उद्योग केंद्र के बाहर बिजली के दो खंभे लगे हैं। इसमें एक तिरछा हो गया है। इसे दूसरे से बांधकर रोका गया है। प्रमुख मार्ग होने के बावजूद खंभे को बदलवाने के बजाय वेल्डिंग के सहारे रोका गया है। यह तारों के सहारे रुका है। अधिक तेज हवा चलने से हादसे की आशंका रहती है।
लोगों से बातचीत
शहर में अनगिनत जर्जर खंभे लगे हैं। प्रमुख मार्गों पर लगे खंभे तेज हवा चलने पर गिर सकते हैं। करंट उतरने की आशंका भी बनी रहती है। उसके बाद भी अफसर संज्ञान नहीं ले रहे हैं।
-नौशाद कुरैशी, मोहल्ला वाडूजई
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विद्युत निगम बेहतर निगरानी नहीं करा रहा और ठेकेदार पुराने खंभों को वेल्डिंग के सहारे चला रहे हैं। काफी खंभे गिरताऊ हालत में हैं। गिरने पर हादसा हो सकता है।
-सुनील गुप्ता, सिविल लाइन
9 उपकेंद्रों से शहर में बिजली आपूर्ति दी जाती है।
80 हजार उपभोक्ताओं नगर में हैं।
रिवैंप योजना के तहत नगर के 1860 खंभों को बदला गया है। जहां पर खंभे खराब हैं, उनका सर्वे कराने के बाद बिजनेस प्लान में शामिल किया है। जल्द ही उन्हें बदलने का कार्य किया जाएगा।
-अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता
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भंवरखेंड़ा जिगनिया में घरों की छत पर लटक रही हाईटेंशन बिजली लाइन
देवकली। भंवरखेड़ा जिगनिया गांव में बिजली का एक खंभा झुका होने से हाईटेंशन लाइन कई घरों की छत पर लटक रही है। ग्रामीणों के कई बार शिकायत करने पर विद्युत निगम ने कोई सुधार नहीं किया। इससे हादसे की आशंका बनी हुई है।
गांव के नरेश कुमार, दिवारी लाल, ओम प्रकाश, नारायण, सोमपाल, रमेश आदि ने बताया कि उनके गांव नभीची फीडर से 11 केवीए की लाइन आई है। यह लाइन गांव के कई घरों के ऊपर से निकाली गई है। खंभे पर लगे इंसुलेटर टूट जाने से लाइन ढीली होने से उसके तार छतों पर काफी नीचे लटकने से हर समय करंट लगने का खतरा बना रहता है। इसकी शिकायत कई बार बंडा के विद्युत उपकेंद्र पर की जा चुकी है, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया। विद्युत निगम के एसडीओ मनीष चंद्रा के अनुसार क्षेत्र के अवर अभियंता जयंत कुमार को गांव भेजकर लाइन जल्द ठीक कराई जाएगी। संवाद
सुनील गुप्ता। संवाद
सुनील गुप्ता। संवाद
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सुनील गुप्ता। संवाद
सुनील गुप्ता। संवाद
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