दीपावली से पहले रूठ गई घर की लक्ष्मी
मनोज कुमार मौर्य ने रोते हुए कहा कि घर में खुशी का माहौल था, लेकिन हादसे ने सब कुछ छीन लिया। उन्होंने बेटी की मौत के लिए पेड़ कटाई करा रहे ठेकेदारों को जिम्मेदार बताते हुए कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पेड़ कटाई की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर आती है, लेकिन ठेकेदारों से खर्चा-पानी लेकर लौट जाती है। उनका कहना है कि सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया जाता।
शव उठाने से बाबा ने किया इन्कार
हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर हंगामा किया। बच्ची के बाबा नरवीर मौर्य ने पोती का शव उठाने से इन्कार कर दिया। प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह ने परिजनों और ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया। परिजनों ने बताया कि प्रतीक्षा तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी। उसका तीन वर्षीय भाई ईशू और तीन माह की छोटी बहन है। मां नीतू देवी का रो-रोकर बुरा हाल था।