दो दिन से हो रही बारिश ने मौसम के मिजाज तो नर्म किए पर ग्रामीण क्षेत्रों में धान, गन्ना, बाजरे की फसलों के साथ शहर के बिजली नेटवर्क को बुरी तरह झकझोर दिया। बारिश गुरुवार शाम से ही शुरू हो गई थी। शाम छह बजे तक 24.5 मिमी बारिश होने के बाद बूंदाबांदी का दौर कुछ देर थमा रहा। बाद में फिर फुहारें गिरने लगीं और रात 11 बजे तक बरसात जोरों पर आ गई। इसके बाद पूरी रात और शुक्रवार सुबह सात बजे तक जमकर पानी बरसा। इस दौरान 31.5 मिमी बारिश और रिकार्ड की गई। तेज हवा चलने से खेतों की गीली मिट्टी से फसलें उखड़कर गिरने लगीं और बिजली नेटवर्क क्षतिग्रस्त होने लगा। कई स्थानों पर एलटी लाइनों के तार आपस में उलझ जाने से हुए शार्ट सर्किट से बिजली सप्लाई ठप हो गई तो कई जगहों पर डबल फेसिंग या फिर एक फेस बंद होे जाने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। विभिन्न तहसीलों में गन्ना, बाजरा आदि फसलें खेतों में बिछ गईं। इससे किसानों के माथे पर परेशानी की लकीरें खिंच गईं। गन्ना शोध परिषद के मौसम अनुभाग के अनुसार बृहस्पतिवार को दोपहर बाद से शुक्रवार को सुबह सात बजे तक 56 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।