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जीत दिलाने से पहले मनाने लगे जश्न

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शाहजहांपुर। जिले की 1062 प्रधानी की सीटों के लिए 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद दो और तीन मई को हुई मतगणना के बाद परिणाम सामने आए। छह प्रधानी की सीटों पर बाद में चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव जीतने वाले प्रधानों और बीडीसी सदस्यों ने जीत का जश्न मनाया, लेकिन प्रशासनिक दबाव में विजयी जुलूस या भीड़ जुटाने से परहेज रखा।
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जिले में 1063 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए 7696, बीडीसी के 1169 पदों के सापेक्ष 5275, जिला पंचायत सदस्य पद के 47 पदों के सापेक्ष 781 और ग्राम पंचायत सदस्य के 12951 पदों के लिए 11904 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा है। एक ग्राम पंचायत पर निर्विरोध निर्वाचन हुआ। इस प्रकार 1062 प्रधान चुने गए। तकरीबन 19 लाख वोटर थे जिसमें 75 प्रतिशत मतदान से प्रधानी, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्यों का चुनाव हुआ है।
भावलखेड़ा ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत नियामतपुर से अभय यादव ने भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की। अभय यादव ने बताया कि ग्राम नियामतपुर में 837 वोट पड़े थे, जिनमें उन्हें 762 वोट मिले। ग्राम पंचायत चौढे़रा से गीता वर्मा पत्नी सुनील वर्मा, ग्राम पंचायत गुवारी से पवन वर्मा विजयी हुए। ग्राम पंचायत रौसर से गुड्डी देवी पत्नी गंगा शरण पाल उर्फ डब्लू की 95 वोटों से जीत हुई।
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ग्राम पंचायत मिश्रीपुर से रूपराम वर्मा बढ़त बनाये हुए थे। जलालाबाद नगर से सटी ग्राम पंचायत याकूबपुर का परिणाम चौकाने वाला रहा। इस बार यहां की प्रधान पद की सीट महिला के लिए आरक्षित थी। यहां चुनावी मैदान में निवर्तमान प्रधान शकील खां की माता मोबिना बेगम के अलावा राजीव शर्मा की पत्नी मंजू शर्मा आमने-सामने थीं। चुनाव में दो प्रत्याशियों के बीच हुए कांटे के मुकाबले में बाजी मंजू शर्मा के हाथ लगी। वह मात्र एक वोट से चुनाव जीतीं। मंजू शर्मा को 471 वोट मिले जबकि मोबिना बेगम को 470 वोट मिले। पिछले तीन बार के चुनाव में याकूबपुर की सीट निवर्तमान प्रधान शकील के परिवार में ही रही है। कांटे के हुए इस मुकाबले के अलावा क्षेत्र में दो ग्राम पंचायत ऐसी भी है जहां लगातार तीन बार चुनाव जीतकर हैट्रिक लगाई गई है। ग्राम पंचायत तिकोला दुलरामई से चुनाव जीते मूंगा लाल वर्मा ने यह सीट लगातार तीसरी बार जीती है। जबकि प्रधान पद की इस सीट पर मुंगालाल का परिवार पिछले छह चुनावों से काबिज है। ऐसी ही एक और ग्राम पंचायत है अब्दालपुर अलबेला जहां से प्रधान पद पर सावित्री देवी ने चुनाव जीता है वह लगातार तीसरी बार प्रधान बनी है।
कांट। जिले में मतगणना स्थल पर कोविड-19 नियमों की धज्जियां उड़ती हुई दिखाई पड़ी। यहां प्रत्याशी और उनके एजेंट पुलिस प्रशासन के सामने ही बिना सोशल डिस्टेंसिंग के नजर आए। कांट ब्लॉॅक की प्रमुख ग्राम पंचायतों में कुर्रियाकलां से राकेश मिश्रा विजयी हुए। ग्राम पंचायत मलहपुर में अनुराग मिश्रा को 48 वोटों से जीत मिली। भैंसटाकला ग्राम पंचायत से अनुज यादव जीते। ग्राम पंचायत भूडिया से दिलीप कुमार प्रधानी का चुनाव जीते। ददरौल विधानसभा से चार बार लगातार विधायक रहे स्व. विधायक रामऔतार मिश्रा के पौत्र उन्नत मिश्रा मुल्लू ने ग्राम पंचायत मोहनपुर ममरेजपुर व जैतापुर गौटिया से क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) में जीत हासिल की। उनका कहना है कि वह कांट ब्लॉॅक प्रमुख पद की दावेदारी भी करेंगे।
जैतीपुर। विकासखंड क्षेत्र की ग्राम बझेड़ा भगवानपुर से सोनपाल मौर्य, पलिहुरा से ओम प्रकाश यादव, खेड़ा रठ से हिमांगी सिंह, करकौर से शिवशरण वर्मा, अली अकबरपुर नवादा से अरबन सिंह, मरेना से रामचंद्र वर्मा, जैतीपुर से कल्पना देवी, आलमपुर से कल्पना गुप्ता, नवादा से गीता, रामपुर से मोरकली, अवा से कुसमा देवी, वैसरा वैसरी से प्रदीप कुमार, गौहावर से रामनिवास, रुद्रपुर से शरद यादव ने जीत हासिल की।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना में मतगणना स्थल लटूरीलाल इंटर कॉलेज में पुलिस कर्मियों की उदासीनता देखने को मिली। पुलिसकर्मी मतगणना स्थल के ग्राउंड में कुर्सी पर बैठकर सो रहे थे या फिर फोन चला रहे थे।
निगोही। पुलिस की लचर व्यवस्था के कारण त्रिस्तरीय स्तरीय पंचायत चुनाव में विजयी घोषित हुए प्रधानों के भारी भीड़भाड़ के बीच माल्यार्पण कर, नारेबाजी कर जुलूस निकाले गए। जबकि विजय जुलूस पर प्रतिबंध लगा हुआ था।
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