त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव चौथे चरण के नामांकन पत्रों की वापसी तथा चुनाव चिन्ह वितरण को लेकर शुक्रवार को ब्लाक परिसर में खासी गहमागहमी रही। इस दौरान ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर नजर लगाए बीडीसी के कई प्रत्याशी क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले अन्य प्रत्याशियों का किसी तरह नामांकन वापस कराने की कोशिश में जुटे रहे। इसमें सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की तादाद ज्यादा रही। हालांकि इस कोशिश कामयाबी कम लोगों को ही मिली।
नामांकन पत्रों की जांच में पांच परचे निरस्त हो जाने के बाद बीडीसी पद पर चुनाव लड़ने वाले 454 प्रत्याशी मैदान में रह गए थे। शुक्रवार को विभिन्न वार्डों से 43 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए। अब इस पद के लिए कुल 407 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। खास बात यह रही कि ब्लाक प्रमुख पद के प्रत्याशियों ने खुद को निर्विरोध निर्वाचित करने की कोशिश की। इसके लिए यह प्रत्याशी मैदान में डटे अपने क्षेत्र के अन्य प्रतिद्वंदियों को किसी तरह अपने पक्ष में बैठाने की कोशिश में हर तरीके आजमाते देखे गए। यही नहीं उनके राजनैतिक आकाओं ने भी जोड़तोड़ में कोई कसर नहीं छोड़ी। दो जगहों पर ऐसा भी हुआ जहां दबाव अथवा व्यवहार में अन्य प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए, लेकिन किसी एक प्रत्याशी ने मौके पर दगा देकर पूरी कवायद को ही पलीता लगा दिया।
इन वार्डो में निर्विरोध निर्वाचित होना तय
गांव एलमनगर कटरिया वार्ड संख्या 37 से पर्चा भरने वाले अन्य प्रत्याशियों के अपना नामांकन वापस ले लेने से यहां बीडीसी प्रत्याशी गोपाल वर्मा लगभग निर्विरोध निर्वाचित हो गए। जिगनेरा गांव के वार्ड एक से रेखा, डुहीजदीदपुर के वार्ड 11 से कल्लू और चक चंद्रसेनपुर के वार्ड 20 से कमलेश कुमार का निर्विरोध निर्वाचित होना तय है।
किसी को अनार तो किसी को ईंट मिला चिह्न
नाम के अनुरूप पहले से ही तय चुनाव चिन्ह बीडीसी प्रत्याशियों को वितरित किए गए। कई दिनों से चुनाव चिह्न पाने का इंतजार कर रहे प्रत्याशी आवंटन का समय शुरू होते ही ब्लाक में जा डटे। इससे बड़ी तादाद में प्रत्याशियों की भीड़ ब्लाक में जमा हो गई। इस दौरान अनार, अलाव तापता आदमी, अंगूठी, चूड़ियां, ईट, कढ़ाई, कुंआ, टैंक तथा लड़का लड़की तरह-तरह के चुनाव चिह्न आवंटित किए गए।