घासीराम का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
रोजा। मठिया कॉलोनी निवासी 65 वर्षीय घासीराम की क्लीनिक में इंजेक्शन लगने के बाद तबीयत बिगड़ गई। कुछ देर में उनकी मौत हो गई। नाराज परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया। मामले में थाने में तहरीर दी गई है।
शनिवार को दोपहर साढ़े 12 बजे घासीराम को खांसी आने के चलते रोजा क्षेत्र में एक निजी डॉक्टर की क्लीनिक में परिजन लेकर आए थे। चेस्ट और क्षय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर क्लीनिक पर नहीं थे। उनके कंपाउंडर ने उन्हें दवा देने के बाद इंजेक्शन लगा दिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई, तब बेटा अमरपाल उन्हें शहर के निजी अस्पताल ले गए। यहां से उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इसके बाद परिजनों ने डॉक्टर के क्लीनिक के बाहर पहुंचकर कंपाउंडर पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामा की सूचना पर पहुंची रोजा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। क्लीनिक पर मौजूद दो कंपाउडरों को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले गई। इंस्पेक्टर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि मृतक घासीराम के पुत्र ने कंपाउंडर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-
कई माह से चल रहा था इलाज
-रोजा थाने में जमुही निवासी कंपाउंडर श्रीकांत मिश्रा ने बताया कि घासीराम का कई महीनों से सांस की बीमारी का इलाज चल रहा था। डाक्टर की सलाह पर इंजेक्शन दिया गया था।
घासीराम का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन