भूमि अधिग्रहण के मुआवजे के लिए लगे कैंप में मंगलवार को एक भी प्रपत्र नहीं जमा हुआ। इस दौरान पूछताछ करने वालों की होड़ लगी रही।
बता दें कि जब से नगर में हाईवे चौड़ीकरण के लिए एलाउस्मेंट हुआ है तब से लोगों में हड़कंप है। वहीं प्रशासन के निर्देश पर नगर पंचायत कार्यालय में भूखंड विभाग की एक टीम ने पहुंच कर कृषि भूमि जो अधिग्रहण की चपेट में आ रही है उसके प्रपत्र जमा करने शुरू कर दिए। इस दौरान टीम में आए अमीन भगवान सिंह, संजय कुमार, विश्वमोहन सक्सेना ने बताया कि कृषि भूमि अधिग्रहण की लगभग चार दर्जन फाइलें बन चुकी हैं और उनके लिए 38 लाख रुपये का क्लेम बन चूका है जबकि कृषि भूमि का लगभग कुल क्लेम तीन करोड़ 52 लाख 93 हजार सात 775 रुपये वितरित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि लोगों को जो क्लेम मिलेगा वह सीधे उनके खातों में भेजा जायेगा। इसके अलावा मकानों और दुकानों के प्रपत्र जमा करने के अभी निर्देश नहीं मिले हैं, लेकिन अंदाजा लगाया जा रहा है कि शीघ्र ही मकानों और दुकानों के भी प्रपत्र जमा होंगे क्योंकि ये कैंप 15 अप्रैल तक चलेगा। कुल मुआवजे पर उन्होंने बताया कि अधिग्रहण के पीड़ितों को लगभग आठ करोड़ की धनराशि वितरित की जानी है।