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489 शिक्षकों को मिली नियुक्ति

Fri, 23 Jan 2015 12:36 AM IST
शाहजहांपुर
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प्रशिक्षु शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के तहत जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में दूसरे दिन बृहस्पतिवार को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया। बारिश के बावजूद दूसरे दिन 489 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इसमें 268 महिलाएं और 221 पुरुष अभ्यर्थी शामिल हैं।
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बृहस्पतिवार को दिनभर हुई बारिश की वजह से डायट में काफी कीचड़ हो गया था। इस वजह से वहां पर काम करने में काफी परेशानी आई। इससे कम संख्या में अभ्यर्थी डायट में पहुंच सके थे, जिससे विभिन्न वर्गों के लगाए 12 काउंटरों पर कोई खास भीड़ नहीं रही। इस दौरान वहां पर बीएसए राजेश कुमार वर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी राजेश चतुर्वेदी, मनोज बोस, मुन्नलाल त्रिवेदी, अमर सिंह राणा, भगवान राव आदि मौजूद रहे।

आज और कल बीएसए दफ्तर में मिलेंगे नियुक्ति
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को नियुक्ति पत्रों का वितरण बीएसए दफ्तर में किया जाएगा। कहा कि बारिश होने की वजह कई अभ्यर्थी मौके पर नहीं पहुंच सके थे। इसलिए दो नियुक्ति पत्र देने की तिथि दो दिन और बढ़ा दी गई है।
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डेटा मैच न होने पर नहीं मिला नियुक्ति पत्र
शाहजहांपुर। 72,825 प्रशिक्षु शिक्षक बनने के लिए सवा तीन साल के लंबे इंतजार के बाद आठ लोगों को बृहस्पतिवार को भी नियुक्ति पत्र नहीं मिल सके, क्योंकि डायट के द्वारा भेजा गया डेटा उनके मूल प्रमाण पत्रों से भिन्न था।
काउंसिलिंग कराने के बाद नियुक्ति पत्र लेने के लिए गए आठ अभ्यर्थियों को उस वक्त निराशा हुई, जब उन्हें नियुक्ति पत्र देने से मना कर दिया गया। ऐसा इसलिए था, कि जो डेटा डायट की ओर से उपलब्ध कराया गया था, उससे मूल प्रपत्रों का मिलान करने पर रोल नंबर और नंबर अलग-अलग थे। इसी आधार पर बीएसए ने उन लोगों को नियुक्ति पत्र देने से इंकार कर दिया। इस संबंध में बीएसए ने बताया कि डेटा की जांच कराने के लिए डायट प्राचार्य को पत्र भेज दिया गया है। जांच होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ज्वाइनिंग पाने को परेशान रहे शिक्षक
जैतीपुर। प्रशिक्षु शिक्षक क्षेत्र के विद्यालयों में ज्वाइन करने को लेकर परेशान रहे। बारिश होने की वजह से तमाम विद्यालय खुले ही नहीं। वहीं दोपहर के वक्त भीगते एक प्रशिक्षु शिक्षक नियुक्ति पत्र लेकर गांव और कस्बे में परेशान घूमते नजर आए। दूर-दराज गांवों के स्कूलों में निजी वाहन से ज्वाइनिंग लेने पहुंचे तो वहां भी विद्यालय बंद होने से निराशा ही हाथ लगी।
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