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Shahjahanpur News: ई-स्मार्ट कंपनी का टेंडर निरस्त...अब 22 निगम कर्मियों पर 14 हजार स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी

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उस्मानबाग चौकी के पास दिन में जल रही हाई मॉस्ट लाइट। संवाद - फोटो : संस्थान
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शाहजहांपुर। ई-स्मार्ट कंपनी की सर्विस ठीक नहीं होने पर पार्षदों के विरोध के बाद ठेका निरस्त कर दिया गया है। अब नगर निगम खुद शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था संभालेगा। नगर निगम के पास स्टाफ की कमी होने के कारण फिलहाल मुश्किलें कम नहीं होंगी। सिर्फ 22 निगम कर्मचारियों के हवाले 14 हजार स्ट्रीट लाइटों की मेंटीनेंस रहेगी।
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नगर निगम की ओर से ई-स्मार्ट कंपनी को 2018 में शहर में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई थी। कंपनी को देखरेख के एवज में नगर निगम की ओर से 38 लाख रुपये का भुगतान मासिक किया जाता था। इतनी भारी भरकम राशि होने के बाद भी कंपनी ने नाममात्र के कर्मचारियों को स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की देखरेख के लिए लगा रखा था।
नगर निगम में स्ट्रीट लाइट खराब होने की काफी शिकायत आ रहीं थीं। पार्षद भी परेशान हो चुके थे। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अब शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था नगर निगम के कर्मचारियों की देखरेख में होगी। वर्तमान में शहर में पथ प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए 22 कर्मचारी लगाए गए हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही टेंडर निकालकर कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। नगर निगम के सामने यह बहुत बड़ी जिम्मेदारी होगी कि वह शहर की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रख पाए। इसके लिए उनको प्रशिक्षित कर्मचारी और उपकरणों की व्यवस्था करनी होगी। दिन में लाइटों को समय से बंद किया जाए और में रात में अंधेरा न रहे।

36 पार्षदों ने जताया था एतराज
पिछले दिनों नगर निगम की बैठक में 60 में से 36 पार्षदों ने कंपनी के विरोध में पत्र दिए थे। इसके बाद कंपनी की कार्यप्रणाली की पार्षदों की छह सदस्यीय टीम ने जांच की थी। जांच के बाद पार्षदों ने कंपनी का टेंडर निरस्त करने की मांग उठाई थी। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना और महापौर अर्चना वर्मा ने भी कंपनी के सही काम नहीं करने पर नगर निगम के अधिकारियों को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए थे। पार्षदों के विरोध के चलते महापौर ने नगर निगम के रजिस्टर कंपनी को हटाने के निर्देश जारी किए।
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पार्षदों की बात
नगर निगम को शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। उपकरणों के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों को भर्ती करने की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
- विपिन यादव
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- नगर निगम के अधिकारियों को स्ट्रीट लाइटों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। दिन में लाइट बंद करने की व्यवस्था करनी होगी। लोगों की शिकायत पर लाइट को समय से सही करने का इंतजाम करना होगा।
- रूपेश कुमार अन्नू

स्ट्रीट लाइट व्यवस्था सही नहीं होने पर ई-स्मार्ट कंपनी का विरोध किया गया था। अब नगर निगम की जिम्मेदारी बनती है कि वह लोगों की समस्याओं को समझकर उनका समाधान करे।
-अनूप गुप्ता

नगर निगम के पास स्ट्रीट लाइट व्यवस्था देखने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं है। इसके लिए नगर निगम को कर्मचारियों को भर्ती के साथ उपकरण आदि की व्यवस्था करनी होगी। तभी सुधार हो पाएगा।
- शिवओम सक्सेना

ई-स्मार्ट कंपनी का टेंडर निरस्त कर दिया गया है। अब नगर निगम के कर्मचारी शहर की विद्युत व्यवस्था की देखरेख करेंगे। वर्तमान में 22 कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। अन्य कर्मचारियों की भर्ती के लिए टेंडर प्रक्रिया होगी।
- डॉ. बिपिन कुमार मिश्र, नगर आयुक्त

उस्मानबाग चौकी के पास दिन में जल रही हाई मॉस्ट लाइट। संवाद- फोटो : संस्थान

उस्मानबाग चौकी के पास दिन में जल रही हाई मॉस्ट लाइट। संवाद- फोटो : संस्थान

उस्मानबाग चौकी के पास दिन में जल रही हाई मॉस्ट लाइट। संवाद- फोटो : संस्थान

उस्मानबाग चौकी के पास दिन में जल रही हाई मॉस्ट लाइट। संवाद- फोटो : संस्थान

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