शाहजहांपुर। गेहूं की कटाई और मड़ाई का सीजन चल रहा है। इससे निकलने वाले धूल के बारीक कण काम के दौरान किसानों की आंखों में जाने से जलन, चुभन, लालिमा की समस्या हो रही है। राजकीय मेडिकल कॉलेज व सीतापुर नेत्र चिकित्सालय के साथ सीएचसी-पीएचसी व निजी चिकित्सालयों की ओपीडी में भी इस समस्या के मरीज पहुंच रहे हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में रोजाना 1500 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। दूसरी मंजिल पर स्थित नेत्र विभाग की ओपीडी व सीतापुर नेत्र चिकित्सालय में 100-150 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। 20-25 प्रतिशत मरीज खेत की कटाई-मड़ाई के दौरान हुई आंख की समस्या के पहुंच रहे हैं।
नेत्र सर्जन अस्पताल पहुंच रहे किसानों को कटाई-मड़ाई के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। डॉ. पुनीत टंडन ने बताया कि कटाई-मड़ाई के दौरान उड़ने वाली धूल, मिट्टी, तिनके किसानों की आंख में चले जाते हैं। आंख की पारदर्शी झिल्ली में सूजन व इन्फेक्शन की समस्या बन जाती है।
ऐसे में आंखों में सूजन, पानी आना जैसे लक्षण दिख रहे हैं। ऐसे में सावधानी बरतें। इसे ठीक होने में करीब एक सप्ताह का समय लग रहा है। ताजे पानी से आंखों में छीटें मारने के बाद ही दवा डालें। डॉक्टर ने बताया कि इसके अलावा आंख की अन्य बीमारी के मरीज भी पहुंच रहे हैं।
ऐसे करें आंखों की देखभाल
- कटाई-मड़ाई के दौरान चश्मा पहनें
- बाइक चलाते समय मुंह को रुमाल से बांध कर रखें
- तेज हवा के बीच बाइक चलाते समय हेलमेट व चश्मा पहनें
- आंखों पर ठंडे पानी का बार-बार छींटा मारते रहे
- डॉक्टरों की सलाह से आई ड्रॉप डालें
(जैसा कि डॉ. पुनीत टंडन ने बताया)