शाहजहांपुर। कई दिन से लगातार हो रही बारिश और बैराजों से निकल रहे पानी से गंगा और रामगंगा में शुक्रवार को उफान बढ़ गया। इसके चलते जलालाबाद-शमसाबाद स्टेट हाईवे पर चौरा गांव के पास करीब सौ मीटर दायरे में पानी भर गया है। पानी आसपास के कई गांवों की आबादी की ओर बढ़ रहा।
कलान के भैंसार बांध पर गत दो दिन से गंगा का जलस्तर 143.30 मीटर गेज पर स्थिर रहा, लेकिन सिंचाई विभाग के बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त सूचना के अनुसार शुक्रवार को गंगा पांच सेमी बढ़कर 143.35 मीटर गेज पर पहुंच गई। इसी तरह फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर स्थित जनपद के डबरी घाट पर रामगंगा का जलस्तर बीते 24 घंटे में 38 सेमी बढ़कर 135.91 मीटर गेज पर पहुंच गई। हालांकि, अभी रामगंगा खतरे के निशान से 1.39 मीटर गेज नीचे बह रही है, लेकिन गंगा के जलस्तर और खतरे के निशान के बीच सिर्फ 30 सेमी का फासला रह गया है।
मिर्जापुर। गंगा का जलस्तर एक माह में तीसरी बार बढ़ने से तटवर्ती पैलानी उत्तरी, इस्लामनगर, आजादनगर, मस्जिद नगला आदि गांवों के लोगों में बेचैनी बढ़ने लगी है। शमसाबाद स्टेट हाईवे पर करीब एक फुट पानी बह रहा है और उससे जुड़े नगला बसोला समेत कई गांवों के संपर्क मार्ग भी डूब गए हैें। स्टेट हाईवे पर राहगीर बाढ़ के पानी के बीच से होकर निकल रहे हैं। तटवर्ती कई गांव बाढ़ के निशाने पर आ जाने से वहां पशुओं के लिए चारा की समस्या गंभीर हो गई है।
जलालाबाद। बांधों से पानी की निकासी से बाढ़ की आशंका के मद्देनजर तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी ने शुक्रवार को रामगंगा और बहगुल नदियों के तटीय गांवों का जायजा लिया। उन्होंने हर साल बाढ़ से कटने वाले कसारी और अल्हादादपुर बैहारी के संपर्क मार्ग भी देखे।